26जेएनडी11-सीढियों पर लगे पाइप के ऊपर से गुजरते की कोशिश करता दिव्यांग। स्रोत शहरवासी
जींद। नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम के तहत पाइप लाइन बिछाने के कार्य में लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार ने तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए बिना लेवल सीढ़ियों के ऊपर पाइप लाइन बिछा दी। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।
अस्पताल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फायर सेफ्टी पाइप लाइन का कार्य कराया जा रहा है। इसी दौरान ठेकेदार ने पाइप लाइन बिछाने से पहले स्थल का सही निरीक्षण और लेवलिंग नहीं कराई। इसके कारण अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को सीढ़ियों से आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर पाइप सीढ़ियों के ऊपर से निकाले गए हैं जिससे लोगों के ठोकर लगने और गिरने का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाले परिजनों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने भी पाइप लाइन बिछाने के तरीके पर सवाल उठाते हुए इसे जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।
संबंधित एजेंसी को पत्र जारी कर दोबारा बिछाने के दिए निर्देश
मामला संज्ञान में आने पर अस्पताल के पीएमओ डॉ. रघुवीर पूनिया ने मौके का निरीक्षण कराया। निरीक्षण में पाइप लाइन बिछाने में तकनीकी खामियां मिलने के बाद संबंधित एजेंसी को पत्र जारी किया गया। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पाइप लाइन को वर्तमान स्थिति से हटाकर निर्धारित तकनीकी मानकों और उचित लेवल के अनुसार दोबारा बिछाया जाए ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुराने भवन को नहीं मिली एनओसी
नागरिक अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को अब तक फायर सेफ्टी एनओसी नहीं मिली है और बिना एनओसी के ही अस्पताल संचालित किया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में आगजनी की घटना से बचाव को लेकर पुरानी बिल्डिंग में अग्निशमन उपकरण तो लगवा दिए गए हैं लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अस्पताल में करवाए जा रहे रेनोवेशन कार्य के तहत फायर सेफ्टी के लिए पाइप बिछवाने का कार्य शुरू किया गया है।
वर्जन
मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की है। सीढि़यों पर लगे पाइप को ग्राइंड करवाया जाएगा। जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ, नागरिक अस्पताल जींद