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Jind News: जीएसटी विभाग के एईटीओ राजेश गुप्ता के खिलाफ एफआईआर

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जींद। जिले में तैनात जीएसटी विभाग के एईटीओ राजेश गुप्ता के खिलाफ सरकारी कार्रवाई में अनियमितता और पशुचारा से भरे ट्राले से माल गायब होने के मामले में थाना शहर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई डीसी के निर्देश पर हुई जांच और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद की गई।
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एडीसी की जांच में एईटीओ राजेश गुप्ता पर लगाए गए आरोप सही मिले थे। इसके बाद जीएसटी विभाग के उच्च अधिकारियों ने उन्हें चार्जशीट कर दिया था।
पुराने हांसी रोड स्थित भावना फीड के मालिक ललित लूथरा ने शिकायत में बताया कि 9 जून 2025 को उनकी फर्म पर सोयाबीन पशुचारा से भरा एक ट्राला पहुंचा था।
कुछ देर बाद जीएसटी अधिकारी राजेश गुप्ता गोदाम पर पहुंचे और माल से संबंधित दस्तावेज मांगे। शिकायतकर्ता के अनुसार, सभी कागजात दिखाने के बावजूद अधिकारी ने 1.23 लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया।
आरोप है कि अधिकारी ने फर्म के स्टाफ और उनके बेटे को सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद ट्राला और माल को अपने कब्जे में लेकर चले गए और कहा कि जुर्माना तो भरना ही पड़ेगा।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि दबाव में आकर उन्होंने जुर्माने की राशि जमा करवा दी। बाद में जब उन्होंने राजेश गुप्ता से ट्राले का वजन करवाने की मांग की तो अधिकारी वहां से चले गए। उन्होंने ट्राले का वजन करवाया तो साढ़े दस टन माल कम मिला, जिसकी कीमत लगभग साढ़े 3 लाख रुपये थी।
एडीसी विवेक आर्य ने की थी जांच

मामले की जांच तत्कालीन एडीसी विवेक आर्य ने की थी। करीब 45 दिनों तक चली जांच में पाया गया कि जीएसटी अधिकारी यह साबित नहीं कर पाए कि माल गलत पार्टी द्वारा या बिना बिल के उतारा जा रहा था। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकारी ने विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई करने के बजाय मनमाने तरीके से काम किया। एडीसी ने अपनी रिपोर्ट में जीएसटी विभाग के उच्च अधिकारियों को आरोपी एईटीओ राजेश गुप्ता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी।

मामला पहुंचा था हाईकोर्ट
मामला बाद में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने जींद डीसी को आदेश दिया था कि मामले की सुनवाई करके उच्च अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बारे में स्पष्ट किया जाए। डीसी ने जीएसटी विभाग के उच्च अधिकारी को तलब कर पूछा कि आपने पकड़े हुए ट्राले को इतनी दूर क्यों खड़ा किया। तब डीईटीसी ने कहा कि वाहन रैंडम तरीके से खड़े किए जाते हैं जोकि जवाब संदेश के घेरे में था। अब पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वर्जन
मामले में पुलिस ने एईटीओ राजेश गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। -गीता रानी, प्रभारी, पुलिस चौकी रोहतक रोड
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