नागरिक अस्पताल में मरीजों की जांच करते डॉ. राजेश भोला। संवाद
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जींद। दिन में गर्मी और रात को सर्दी होने से नागरिक अस्पताल में बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। पहले नागरिक अस्पताल में बुखार 120 मरीज के आसपास आते थे, लेकिन अब बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज 400 के आसपास आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 के बीच ओपीडी होती है। चिकित्सकों ने नागरिकों को मौसम बदलाव को लेकर सावधानी बरतने के लिए टिप्स दिए हैं।
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि मौसम बदलते समय लोग लापरवाही करने लगते हैं। इस कारण वह बीमार पड़ जाते हैं। इस समय दिन में गर्मी और रात को सर्दी हो जाती है। इस कारण शरीर अपने तापमान को सही तरह से सहन नहीं कर पाता और व्यक्ति को बुखार हो जाता है। रात के समय कूलर या एसी चलाना अब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खुले आसमान के नीचे सोना भी ठीक नहीं है। इसलिए कमरे के अंदर सोना चाहिए। कमरे में हल्का पंखा चलाना ही ठीक रहेगा। पंखा इतना चलाना चाहिए, जिससे मच्छर भाग जाएं। इस मौसम में मच्छरों से भी बचकर रहना जरूरी है। अस्पताल में जो मरीज आ रहे हैं, उनमें बुखार के ज्यादा हैं। बुखार के मरीजों को तुरंत अपनी जांच करवानी चाहिए। जांच करवाने के बाद ही दवाई लेनी चाहिए। नागरिक अस्पताल में हर प्रकार की जांच की सुविधा है।
ठंडी चीजों से करें परहेज
फिजीशियन डॉ. नरेश वर्मा ने कहा कि इस मौसम में लोगों को पूरी सावधानी बरतनी होगी। आधी बाजू के कपड़े इस समय पहनने खतरनाक हो सकते हैं। रात में सोते समय भी पूरी बाजू के कपड़े पहनकर सोना चाहिए। मच्छरों की संख्या ज्यादा है, इसलिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। कूलर व एसी का प्रयोग इस समय खतरनाक हो सकता है। पीने के लिए गर्म पानी का प्रयोग करना चाहिए। ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। सुबह के समय होने वाली ठंड से बचाव के प्रबंध करने चाहिए।