मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर धरना देते किसान। संवाद।
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नरवाना। पीआर धान की खरीद नहीं होने से परेशान किसानों ने बुधवार को नरवाना की नई अनाज मंडी के गेट पर ताला लगाकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान डीसी नरेश नरवाल अनाज मंडी में पहुंचे और किसानों को समझाकर गेट खुलवा दिया। इस दौरान डीसी ने खुद धान की ढेरियों पर जाकर नमी की मात्रा की जांच करवाई। मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव रोशन लाल को फटकार लगाई। डीसी के जाने के बाद किसानों ने फिर से नारेबाजी करते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय को ताला लगा दिया और धरना शुरू कर दिया।
मंडी में पहुंचे डीसी को किसानों ने कहा कि एक सप्ताह से धान मंडी में पड़ा है। अधिकारी सिर्फ एक ढेरी की जांच करते हैं और नमी अधिक बता कर वापस चले जाते हैं। इसको लेकर डीसी के सामने भी कुछ देर तक हंगामा हुआ। इस दौरान डीसी ने आढ़तियों व किसानों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। डीसी ने आढ़तियों व किसानों के साथ मीटिंग कर आदेश दिए कि मंडी में दो बार में बोली होनी चाहिए। साथ उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खरीद एजेंसी हर ढेरी पर जाए।
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किसान सहायता केंद्र पर कोई इंतजाम नहीं मिले
निरीक्षण के दौरान डीसी को किसान सहायता केंद्र पर कोई इंतजाम नहीं मिले। इस पर डीसी ने पटवारी तथा मार्केट कमेटी का एक कर्मचारी स्थायी तौर पर नियुक्त करने के लिए भी कहा। यह कर्मचारी किसान को टोकन, गेट पास की सुविधा के साथ फसल पंजीकरण में भी सहायता करेगा। इस पर डीसी ने मार्केट कमेटी सचिव रोशन लाल को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं में तो किसानों के साथ कर्मचारियों को भी परेशानी होगी।
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पहले दिन 539 क्विंटल पीआर धान की हुई खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर की अनाजमंडी में खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बाद बुधवार को पहले दिन शहर की अनाजमंडी में 539 पीआर धान की सरकारी खरीद हुई, जबकि मंडी में अब तक 1592 क्विंटल धान पहुंच चुकी है। इसके अलावा जो धान मंडी में आई है। उसमें नमी की ज्यादा मात्रा होने के कारण खरीद नहीं हो सकी। इस धान को सुखाने के लिए मंडी में फैलाया गया है। पीआर धान के अलावा शहर की अनाज मंडी में 1509 किस्म की 1130 क्विंटल धान पहुंच चुकी है। हालांकि इस धान को प्राइवेट एजेंसी खरीद कर रही हैं। मंडी सचिव संजीव जांगड़ा ने बताया कि मंडी में जो किसान धान लेकर आए वह सुखाकर लाएं या फिर मंडी में लाकर सुखा सकता है। 17 प्रतिशत से अधिक नमी की पीआर धान को खरीदा नहीं जाएगा। जो किसान मंडी में सूखी धान लेकर आएगा। उसको किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।