जींद/नरवाना/ उचाना। धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू नहीं होने से जिले के किसानों में रोष है। जिले की अनाज मंडियों में करीब साढ़े 13 हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है। मंडी में पहुंचा धान नहीं खरीदे जाने पर नरवाना व उचाना में किसानों ने रोष जताया।
किसानों ने उचाना में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व नरवाना में जजपा विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा के निवास का घेराव किया। इसके चलते नरवाना में करीब तीन घंटे जाम की स्थिति बनी रही। सुबह करीब साढ़े 11 बजे किसानों ने जाम लगा दिया और दोपहर ढाई बजे सड़क खाली की।
धान खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर नरवाना में विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा के निवास स्थान का घेराव किया। इसके चलते नरवाना-उकलाना मार्ग पर जाम लग गया। इसको देखते हुए प्रशासन ने आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस बल व आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया। किसानों द्वारा सरकार को चेतावनी दी गई थी कि अगर एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू नहीं हुई तो विधायकों के निवास पर धरना देंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एएसपी कुलदीप सिंह भी मौके पर मुस्तैद रहेे। एएससी ने बताया कि किसान शांति से प्रदर्शन कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के सभी प्रबंध कड़े हैं। इस दौरान किसान नेता बलबीर सिंह, सत्यवान, होशियार, अशोक दनौदा ने कहा कि यदि धान की खरीद जल्द शुरू नहीं हुई तो धरना अनिश्चितकालीन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
उचाना में किसानों ने किया प्रदर्शन
पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर किसानों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कपास मंडी में किसान शेड के नीचे एकत्रित हुए। यहां से भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष आजाद पालवां, रोहताश नगूरां, सिक्किम सफाखेड़ी की अगुवाई में जजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां पर भारी संख्या में पुलिस प्रशासन पहले से ही तैनात था। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू के माध्यम से भेजा गया। किसानों ने कहा कि अगर सोमवार से पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो सोमवार से मंडी के सभी गेट बंद कर कपास मंडी में किसान धरना देंगे। आजाद पालवां ने कहा कि सरकार पीआर धान व बाजरा को एमएसपी पर खरीदने से बच रही है। मंडी में पीआर धान आने लगा है। ऐसे में सोमवार से खरीद शुरू हो। सोमवार से खरीद शुरू नहीं हुई तो मंडी के गेट बंद कर कपास मंडी में किसान धरना देंगे।
बाजरे की कीमत कम
किसानों ने कहा कि सरकार बाजरे की खरीद 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करने की बात कह रही है। बाजरा इन दिनों 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इससे किसान को आर्थिक रूप से नुकसान होगा।
जिले की मंडियों में पहुंचे धान की स्थित
नरवाना 7500 क्विंटल
सफीदों 3000 क्विंटल
पिल्लूखेड़ा 2500 क्विंटल
जींद 150 क्विंटल