संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। गेहूं की बुवाई के लिए डीएपी खाद की मांग के बीच उचाना अनाज मंडी स्थित सरकारी दुकान पर दो दिन पहले डीएपी के 1500 बैग पहुंचे। वीरवार तक किसानों को ये सभी बैग वितरित किए जा चुके हैं। इससे खाद के लिए भटक रहे किसानों को राहत मिली है।
किसानों को फसल पंजीकरण के आधार पर प्रति एकड़ एक बैग डीएपी दिया जा रहा है। तीन एकड़ का पंजीकरण कराने वाले किसान को तीन बैग खाद मिल रहे हैं। धान की कटाई शुरू होने के साथ ही किसान गेहूं की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं, जिससे डीएपी की मांग बढ़ गई है।
हैफेड सेल्समैन श्याम लाल ने बताया कि उचाना मंडी में डीएपी की आपूर्ति शुरू हो गई है। 1500 बैग किसानों को वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में किसानों को जरूरत के अनुसार डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाएगा। किसान सुखबीर, दीपक और रत्नाराम ने बताया कि गेहूं की बुवाई के समय डीएपी की जरूरत होती है।
1509 धान की कटाई भी शुरू हो गई है, ऐसे में किसानों को बड़ी मात्रा में डीएपी खाद की जरूरत होगी। किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद मिल जाए तो उन्हें गेहूं की बुवाई में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार गेहूं की बुवाई के समय तक डीएपी और यूरिया खाद समय पर उपलब्ध कराती रहेगी।
गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को डीएपी खाद की जरूरत है। इसके चलते वे पिछले दो दिनों से हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव सप्लाई एंड मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (हैफेड) के कार्यालय पर खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं।