20जेएनडी44-मंडी में आए बाजरे को ट्रॉली से उतारते हुए मजदूर। संवाद
उचाना। मंडी में बाजरा की आवक शुरू हो चुकी है। इन दिनों बाजरा के भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक किसानों को अधिक से अधिक प्राइवेट बोली पर मिल रहे हैं। सरकार की ओर से बाजरा का सरकारी भाव 2775 रुपये प्रति क्विंटल तक किया है। अब तक मार्केट कमेटी में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 2054 क्विंटल बाजरा की खरीद हुई है।
सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं होने से किसानों को 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द बाजरा की सरकारी खरीद शुरू करें ताकि किसान अपना बाजरा एमएसपी पर बेच सकें। उचाना किसान मजदूर धरना संयोजक आजाद पालवां ने कहा कि सरकार ने एमएसपी तो तय कर दिया लेकिन सरकारी खरीद पर फसल नहीं खरीदी जा रही है।
किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर बाजरा की फसल बेचनी पड़ रही है। सरकार को चाहिए कि बाजरा की सरकारी खरीद जल्द से जल्द शुरू करें। भावांतर भरपाई योजना के चक्कर में किसानों को नहीं डाले। मार्केट कमेटी सचिव योगेश ने कहा कि खरीद के पुख्ता प्रबंध हैं। अभी तक प्राइवेट बोली पर बाजरा बिक रहा है। सरकारी खरीद को लेकर कोई पत्र उनके पास नहीं आया है।