22जेएनडी12 : तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते किसान। स्रोत किसान
जुलाना। क्षेत्र के करसोला गांव के किसानों को धान के अवशेष जलाने की बजाय सीधी बिजाई करने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिली। इसको लेकर गांव के किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
योजना का लाभ दिलाने के लिए किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही समाधान का प्रयास किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि उन्होंने सरकार की योजना का पालन करते हुए पराली नहीं जलाई। इसके बावजूद उन्हें आर्थिक लाभ से वंचित रखा गया है। करसोला गांव के कुल 262 किसानों ने सरकार की ओर से चलाई गई सीधी बिजाई योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था लेकिन पंजीकरण के बाद अब तक किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई नहीं की गई।
किसानों का आरोप है कि पंचायत विभाग के ग्राम सचिव की लापरवाही के चलते यह पूरा मामला अटका हुआ है। किसानों ने कहा कि पंजीकरण के बाद वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी ग्राम सचिव की थी लेकिन उन्होंने समय रहते सत्यापन नहीं किया। किसानों ने यह भी बताया कि अब योजना से संबंधित पोर्टल बंद हो चुका है जिसके कारण उनका वेरिफिकेशन भी नहीं हो पा रहा है।
किसानों ने मांग की है कि उन्हें प्रति एकड़ 1200 रुपये के हिसाब से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि जल्द से जल्द जारी की जाए। यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों ने कहा कि अगर उन्हें योजना का लाभ नही मिला तो किसान सड़कों पर उतरकर पराली को जलाएंगे।