फोटो 4एसएफडीएम4गांव बुढ़ाखेड़ा के सरकारी स्कूल के समीप जाम लगाए हुए किसान। संवाद
सफीदों। रजबहा नंबर-3 से सिंचाई के लिए पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिलने और धान की फसल पर मंडराते संकट से नाराज बुटानी, कालवा, कलावती समेत आसपास के गांवों के किसानों ने मंगलवार को जींद-सफीदों मार्ग पर गांव बुढ़ा खेड़ा स्थित सरकारी स्कूल के पास करीब आधे घंटे तक जाम लगा दिया।
जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी राजेश कुमार और सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और रजबहा नंबर-3 में पानी छोड़े जाने के बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया।
किसानों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सिंचाई विभाग ने समस्या का समाधान नहीं किया। इसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। आरोप है कि पिछले काफी समय से रजबहा नंबर-3 से धान की फसल के लिए पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिल रहा है। इस समय धान की खेती पूरी तरह सिंचाई पर निर्भर है लेकिन पानी की कमी के कारण फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई लेकिन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभाग की लगातार अनदेखी के कारण उन्हें सड़क जाम करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
किसानों ने यह भी कहा कि नहरी पानी के साथ-साथ बिजली आपूर्ति भी नियमित नहीं मिल रही है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से खेतों में ट्यूबवेल भी सुचारु रूप से नहीं चल पा रहे हैं जिससे सिंचाई का संकट और गहरा गया है।
सिंचाई विभाग ने मौके पर शुरू कराई पानी की आपूर्ति
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल बुलाया। कार्यकारी अभियंता ने किसानों को रजबहा में तुरंत पानी छोड़े जाने का भरोसा दिया और मौके पर ही पानी की आपूर्ति शुरू करवाई। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। जाम खुलने के लगभग 20 मिनट बाद यातायात पूरी तरह सामान्य हो सका। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी सिंचाई के लिए पर्याप्त नहरी पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सिंचाई विभाग की होगी।