जींद। कृषि कानूनों के विरोध जारी किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर किसानों ने ट्रैक्टर परेड का एलान किया है। इस दौरान किसानों द्वारा झांकी भी निकली जाएगी। सोमवार को जिला के खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर महिलाओं ने पारंपरिक हरियाणवी परिधान के साथ ट्रैक्टर चलाकर 26 जनवरी की परेड की रिहर्सल की, वहीं हरियाणवी गीत व नृत्य कर झांकी की तैयारी की। महिलाओं ने कहा कि 26 जनवरी को राजपथ पर एक तरह जहां देश का जवान परेड करेगा, वहीं दूसरी ओर देश का किसान ट्रैक्टर परेड निकालेगा। महिलाओं ने खटकड़ टोल से करीब एक किलोमीटर तक तिरंगा फहराकर मार्च निकाला। वहीं कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लघु सचिवालय भी पहुंचे।
गौरतलब है कि किसान नेताओं ने 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाने का फैसला लिया था। सोमवार के आंदोलन की पूरी कमान महिलाओं के हाथों में रही। जिले के दोनों टोल प्लाजा पर दो हजार से ज्यादा महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने कहा कि आंदोलन में वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी। जरूरत पड़ी तो किसानों से भी अगली पंक्ति में महिलाएं होंगी। उन्होंने कहा कि वे जानती हैं कि यह दुख की घड़ी है, लेकिन किसान महिला दिवस के चलते महिलाओं ने इस दिन को खुशी से मनाया है।
दिल्ली जाने की तैयारी
महिलाएं दिल्ली जाने के लिए तैयारी कर रही हैं। इसके तहत सोमवार को खटकड़ टोल पर रिहर्सल की गई। महिलाएं अपने पारंपरिक हरियाणवी परिधान में पहुंची। वे एकजुट होकर कृषि कानून वापस करवाकर ही दम लेंगी। - संतोष देवी, महिला किसान
किसानों को भोला समझ बैठी सरकार
सरकार को लगता था कि किसान भोले हैं, जो भी कानून बनाया जाएगा, उसे मान लेंगे, लेकिन अब किसानों के बच्चे पढ़ लिख चुके हैं। उन्हें अपने और दूसरों के अच्छे-बुरे की पहचान है। इन कानूनों से सिर्फ पंजीपूतियों को फायदा होगा। - सुमित, छात्रा, एलएलबी, एमडीयू
हक की लड़ाई के लिए गोलियां खानी पड़ी तो हैं तैयार हम...
बद्दोवाल टोल के धरने पर महिलाओं ने कहा कि अगर सरकार किसानों पर गोलियां चलाकर उनकी आवाज दबाना चाहेगी तो महिलाएं गोलियां खाने के लिए आंदोलन में अग्रणी रहेंगी। महिलाओं ने कहा कि सरकार आंदोलन को तोड़ने के लिए आए दिन नए-नए हथकंडे अपना रही है, लेकिन यह बिल्कुल नहीं सोच रही है कि किसान को उनका हक लौटा दिया जाए। इसलिए 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड होगी और सरकार को दिखा जाएगा कि आज भी देश कृषि प्रधान है। खटकड़ टोल पर किसान नेता आजाद पालवां व खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि सरकार आंदोलन को तोड़ने के लिए षड्यंत्र कर रही है, लेकिन इन्हें कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। गुरनाम सिंह चढूनी के बारे में प्रचार किया जा रहा है, लेकिन उन्हें अपने नेताओं पर पूरा विश्वास है।
नेहरू पार्क से लघु सचिवालय तक किया प्रदर्शन
महिला किसान दिवस के उपलक्ष्य में नेहरू पार्क से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया। इससे पहले अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा नेहरू पार्क में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के लोग भी शामिल हुए। कुछ युवकों ने किसान सभा के लाल झंडे पर सवाल उठाते हुए इसे हटाने की मांग की। युवाओं ने कहा कि आंदोलन में साफ हो चुका है कि किसी भी राजनीतिक दल के झंडे का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद कम्यूनिस्ट पार्टी का झंडा लगाया जा रहा है। युवाओं ने कहा कि सिर्फ किसान यूनियन का सफेद झंडा व अशोक चक्र वाला तिरंगा झंडा ही प्रयोग किया जाए।
कंडेला खाप की बैठक आज
कंडेला खाप के प्रधान व खाप पंचायतों के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला ने कहा कि सर्वजातीय खाप चबूतरे पर खाप की मीटिंग 19 जनवरी को बुलाई गई है। मीटिंग में आंदोलन से संबंधित सभी विषयों के बारे में खाप के लोगों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली के लिए भी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर ओम प्रकाश, राजवीर, छज्जू राम, भीरा दालमवाला, प्रदीप शर्मा, हजूरा सिंह, महेंद्र नंबरदार मौजूद रहे।
खटकड़ टोल पर महिलाओं को संबोधित करती कानून की छात्रा सुमित।- फोटो : Jind
बद्दोवाल टोल पर हरियाणवी नृत्य करती महिलाएं व महिला दिवस कार्यक्रम में पहुंची महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind
खटकड़ टोल पर राष्ट्र ध्वज फहराती महिलाएं। अमर उजाला- फोटो : Jind