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किसान और वैज्ञानिक एक दूसरे के पूरक हैं : रामकरण

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जींद। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा शनिवार को विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत गांव सुरबरा, डोहाना खेड़ा और मंगलपुर गांव में किसानों को जागरूक किया गया।
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कृषि विज्ञान केंद्र पांडू पिंडारा के प्रभारी डॉ. रामकरण गौड़ ने बताया कि किसानों की समस्याओं को जानने और उनके निदान के लिए बहुत बड़े स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा है। किसान और वैज्ञानिक एक दूसरे के पूरक हैैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में दोनों का महत्व है। इस अभियान के लिए जिले में तीन टीमें गठित की गई हैं।
उन्होंने धान में बीजोपचार का महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दस लीटर पानी में दस ग्राम कार्बेन्डाजिम और एक ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लिन घोल लें। इस घोल में 10 से 12 किलोग्राम बीज 24 घंटे तक भिगोएं। इसके बाद बीज को घोल से निकालकर छाया में पक्के फर्श या बोरी पर ढेर के रूप में डालें।
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गीली बोरी से 24 से 36 घंटे तक ढक दें। समय-समय पर बीज पर पानी छिड़ककर बीज को गीला रखें ताकि अंकुरण हो सके।
कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा के मृदा वैज्ञानिक डॉ. धीरज पंघाल ने मिट्टी और पानी की जांच करवाने तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व पर जानकारी दी।
इंजीनियर रवि ने मशीनों व कृषि यंत्रों की विस्तृत जानकारी दी। इस टीम में शामिल राष्ट्रीय पशु अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो से डॉ. एनएच मोहन, पशु जैव प्रौद्योगिकी विभाग से डॉ. रीना अरोड़ा ने पशुओं में अनुवांशिकता संबंधित जानकारी दी।
बागवानी से डॉ. सुरेश राणा ने बेल वाली सब्जियों को उगाने की नई तकनीकों पर बताया। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल से डॉ. सुमित अरोड़ा ने दूध से बनने वाले विभिन्न उत्पादों व उनकी मार्केटिंग के बारे में बताया।
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