मांगों को लेकर उपमंडल कार्यालय में चल रहे धरने पर नारेबाजी करते किसान व मजदूर। संवाद
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उचाना। उपमंडल कार्यालय में मांगों को लेकर किसान व मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। वीरवार को सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दे रहे लोगों ने रोष प्रकट किया गया। धरने की अध्यक्षता प्रधान सतबीर कसूहन ने की।
यहां विभिन्न गांवों से किसान व मजदूरों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। दिल्ली बॉर्डर पर ट्रक की चपेट में आने से तीन प्रदर्शनकारी महिलाओं की मौत होने पर दो मिनट का शोक भी रखा गया। गुलाबी सुंडी से खराब हुई कपास की फसल की गिरदावरी करवाने, पीआर धान को मंडी में आते ही खरीदने, डीएपी किसान को जरूरत के हिसाब से देने, बाजरे को एमएसपी पर खरीदने, मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर यह धरना चल रहा है। सतबीर शर्मा कसूहन व बलिंद्र श्योकंद उचाना ने कहा कि जब तक किसान व मजदूर की मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। शुक्रवार को विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा धरने को समर्थन देने आ रहे हैं। कई गांवों में तो गुलाबी सुंडी से कपास की फसल पूरी की पूरी बर्बाद हो चुकी है। किसान को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा सरकार दें, ताकि जो किसान को नुकसान हुआ है उसकी कुछ हद तक भरपाई हो सके। उन्होंने कहा कि महंगाई आज बढ़ रही है, लेकिन मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई जा रही। फसल के सीजन में मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाएं, ताकि मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण सही तरीके से कर सकें। 11 महीने से अपनी मांगों को लेकर किसान व मजदूर धरना दे रहे हैं। 600 से अधिक किसान मौत का ग्रास इस आंदोलन में बन चुके हैं। एक बार भी केंद्र व प्रदेश के सत्तासीन नेताओं ने उनको लेकर एक शब्द संवेदना के लिए प्रकट नहीं किया है। देश व प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है।