बिजली निगम ने शादीपुर के किसान सुनेहरा को दो माह का बिल एक लाख रुपये से ऊपर का थमा दिया। बिल ठीक करवाने के लिए किसान दफ्तर के चक्कर काट रहा है, लेकिन अधिकारी व कर्मचारी बिल को ठीक नहीं कर रहे हैं।
सुनेहरा ने बताया कि वह लगातार बिजली का बिल भर रहा है। उसका औसतन बिल दो माह में एक हजार रुपये से नीचे ही आता है। दिसंबर में भी उसने पूरा बिल भर दिया था। इस बार बिजली निगम ने उसे एक लाख नौ सौ 44 रुपये का बिल भेज दिया। किसान ने बताया बिजली निगम के कर्मचारियों की वजह से उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब वह लगातार बिजली का बिल भर रहा है तो इतना बिल कैसे आ गया। उसका बिजली का लोड भी काफी कम है। दिसंबर में उसने 600 रुपये बिल भरा था। निगम ने बिजली बिलों में भी मीटर रीडिंग सही ढंग से नहीं दिखाई गई है। अब की बार निगम ने दो माह में 13150 यूनिट के बदले 100944 रुपये का बिल दे दिया। किसान ने विभाग से बिल ठीक करने की मांग की है।