19जेएनडी19-शहर के भगत सिंह अध्ययन केंद्र पर एकजुट हुए संयुक्त किसान मोर्चे के सदस्य। संवाद
नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चे की जिलास्तरीय बैठक मंगलवार को शहीद भगत सिंह अध्ययन केंद्र में हुई। इसकी अध्यक्षता कर्मसिंह खरल ने की। बैठक में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत, भारतीय किसान यूनियन घासी राम नैन, सीटू के जिला प्रधान सतबीर खरल ने हिस्सेदारी की।
इस दौरान बलबीर सिंह ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली जा रहे किसानों को वर्ष 2020 में बॉर्डर पर बलपूर्वक रोकने की चौथी बरसी 26 नवंबर को है। नौ दिसंबर 2021 को केंद्र ने जो लिखित आश्वासन दिए थे, उन पर भी अमल नहीं किया। आज प्रदेश में कृषि और किसान के प्रति भाजपा की हरियाणा सरकार का खराब रवैया है।
धान की समय पर खरीद न होने के कारण और एजेंसियों द्वारा धान को उठाए जाने में की जा रही देरी के परिणाम स्वरूप किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लागत खर्च बढ़ने और कृषि उत्पादों का पूरा मूल्य न मिलने से किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। इसके विरोध में 26 नवंबर को डीसी कार्यालय पर जिलास्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में बारूराम, चांद बहादुर, वीरेंद्र उचाना, सतबीर खरल, दलबीर सच्चाखेड़ा, ओमप्रकाश खरल, शीशपाल गुलाडी और डिंपल मौजूद रही।