22जेएनडी48: अनशन के दौरान किसान नेता डल्लेवाल को पानी पिलाते हुए किसान। स्रोत किसान
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पंजाब और हरियाणा के खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन के दौरान ट्रॉली में बने तंबू से निकालकर बॉर्डर के पास जमीन पर बनाए गए टीन के तंबू में शिफ्ट कर दिया गया है। किसान नेताओं ने संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल के इलाज में गंभीर चूक का आरोप लगाया। देर रात डल्लेवाल ने इलाज करवाने से इंकार कर दिया। रात के समय चिकित्सकों ने मेडिकल टीम की लापरवाही बारे अधिकारियों व सिविल सर्जन पटियाला ने किसान नेताओं से बातचीत की।
इस पर प्रशासन ने भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने का भरोसा दिलाया। इसके उपरांत किसान नेताओं ने डल्लेवाल के इलाज के लिए सहमति दे दी और इलाज दोबारा से शुरू कर दिया गया। इसी बीच चिकित्सकाें की टीम ने किसानों पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया और खनोरी बॉर्डर पर अपनी ड्यूटी जारी नहीं रखने को लिखा। मेडिकल सुपरिटेंडेंट को लिखे पत्र में डल्लेवाल के इलाज के लिए गठित स्पेशल मेडिकल टीम के सभी 30 सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। किसानों की कई मांगों को लेकर पिछले 58 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक विशेष मेडिकल टीम का गठन किया था। डल्लेवाल को मंगलवार की रात कई बार ग्लूकोज की ड्रिप चढ़ाई गई। इसके कारण उनका हाथ सूज गया। डल्लेवाल ने रात को अपना इलाज करवाने से मना कर दिया और कहा कि वह ऐसा तभी करेंगे जब प्रशासन के अधिकारी किसानों से मिलेंगे और खनोरी बॉर्डर पर आएंगे।
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चिकित्सकों ने मांगी माफी
बुधवार को सीनियर अधिकारियों व सीनियर चिकित्सकों की टीम खनोरी बॉर्डर पर आई और उन्होंने डल्लेवाल से बात की। जानकारी देने के बाद अधिकारियों व चिकित्सकों ने इस पूरे प्रकरण के लिए माफी मांगी और कहा कि मौके पर सीनियर चिकित्सक थे, मगर फिर भी उनसे जाने-अनजाने में चूक हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि खनौरी बॉर्डर पर अस्थाई अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें अनुभवी चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाएगी।