20जेएनडी16-हमेटी में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेते हुए सदस्य। स्रोत हमेटी
जींद। भारत सरकार की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए शुरू किए गए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन में अब इस क्षेत्र के अनुभवी किसानों को कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन की जिम्मेदारी दी गई है। हर ब्लॉक में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के 100-100 एकड़ के क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें से दो अनुभवी किसानों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह बात बुधवार को हमेटी में चल रहे कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन के पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर हमेटी के निदेशक डॉ. कर्मचंद ने कही। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती मिशन में कृषि विशेषज्ञों के अलावा अनुभवी किसान भी अन्य किसानों को किसानों के खेतों पर ही प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देंगे।
अनुभवी किसानों के खेतों पर विकसित किए गए प्राकृतिक खेती के मॉडल कृषि फार्म पर अपनाई गई प्राकृतिक खेती की तकनीकों के परिणाम किसानों को देखने को मिलेंगे जिससे वे प्राकृतिक खेती की जानकारी ले पाएंगे। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रदर्शनी प्लांट विकसित करने के लिए 4000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
डॉ. कर्मचंद ने कहा कि ये रिसोर्स पर्सन प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की योजना में किसानों व कृषि विभाग के मध्य मुख्य कड़ी का काम करेंगे। इसके लिए उन्हें दो वर्ष तक प्रतिमाह योजना अनुसार मानदेय भी दिया जाएगा। हमेटी के प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में शुरुआती दौर में 150 क्लस्टर विकसित किए गए हैं।
हर क्लस्टर के साथ दो कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन नियुक्त किए गए हैं जो किसानों को प्राकृतिक खेती करने में मदद करेंगे। हमेटी जींद की ओर से इन किसानों को प्रशिक्षण देकर तकनीकी जानकारी के साथ साथ उनके कर्तव्य एवं जिम्मेदारी से भी अवगत करवाया जा रहा है। ये किसान दूसरे किसानों को फसल उत्पादन के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ बिक्री में भी प्रमाणीकरण व ब्रांडिंग करवाने में मदद करेंगे।