संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले को नए साल में मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलेगी। इसका निर्माण अंतिम चरण में है। शहर से सटे हैबतपुर के पास करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2014 में की थी।
फिलहाल नागरिक अस्पताल से 17 चिकित्सक डेपूटेशन पर मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं लेकिन सुविधा के नाम पर अभी कुछ भी नहीं है। मेडिकल कॉलेज के पास एक पैरामेडिकल कॉलेज भी बनेगा।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आने वाला साल अहम साबित होने जा रहा है। आने वाले समय में जिले के स्वास्थ्य ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में हैबतपुर के पास बन रहा मेडिकल कॉलेज अगले वर्ष से सेवाएं देना शुरू कर देगा।
700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह मेडिकल कॉलेज न केवल जिले बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी वरदान साबित होगा। मेडिकल कॉलेज के चालू होने से यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा अस्पताल उपलब्ध होगा जिसमें गंभीर बीमारियों के बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी।
विशेषज्ञ चिकित्सक, पर्याप्त मेडिकल स्टाफ और अत्याधुनिक उपकरण मिलने से मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और स्वास्थ्य जांच से लेकर सर्जरी तक की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने लगेंगी हालांकि इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सा कर्मियों की संख्या बढ़ाना भी आवश्यक है।
डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है। ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
शहरवासी विक्की श्योकंद, विकास सिंधु, वीरेंद्र सिरसाखेड़ा, सुरेंद्र कुमार और दिलबाग का कहना है कि लंबे समय से जिले में बड़े स्तर की स्वास्थ्य सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी। यदि 2026 में मेडिकल कॉलेज और नागरिक अस्पताल का विस्तार होता है तो मरीजों को रोहतक या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का बढ़ेगा दायरा
नागरिक अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने की योजना पर काम होगा। अस्पताल में नए वार्ड, अतिरिक्त बेड, नई मशीनें और लैब समेत अन्य कई विभागों का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के लिए नागरिक अस्पताल से 17 चिकित्सकों को डेपूटेशन पर भेजा गया है। वहां पर ओपीडी सेवाएं शुरू करवाई गई है। नए साल में मेडिकल कॉलेज की सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएगी।
-डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद