संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) को शैक्षणिक, आवासीय एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नव वर्ष में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। विश्वविद्यालय को सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के उद्देश्य से 2500 व्यक्तियों की क्षमता वाला भव्य ऑडिटोरियम बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
इस ऑडिटोरियम के निर्माण पर लगभग 88 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह सभागार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, दीक्षांत समारोह और अन्य बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा और शैक्षणिक पहचान को नया आयाम मिलेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों के अनुसार सबसे प्रमुख योजना शिक्षण भवन-3 के निर्माण की है। इस पर लगभग 60.22 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस नए शिक्षण भवन के बनने से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक विस्तार मिलेगा।
आधुनिक कक्षाओं, प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक संसाधनों से युक्त यह भवन विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए बेहतर अकादमिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सशक्त होगा बल्कि आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा व्यवस्था और बेहतर छात्र सुविधाओं के साथ एक आदर्श उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में 500 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। सोलर पावर प्लांट से विश्वविद्यालय के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और विश्वविद्यालय को ग्रीन कैंपस/ग्रीन बिल्डिंग के रूप में पहचान मिलेगी। दीर्घकालिक दृष्टि से यह परियोजना आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों ही रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। छात्र-छात्राओं की आवासीय सुविधाओं के विस्तार के लिए भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने ठोस कदम उठाने की योजना बनाई है।
प्रस्ताव के तहत पुरुष छात्रावास भवन–2 का निर्माण 12 करोड़ और महिला छात्रावास भवन–2 का निर्माण 17 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जाएगा। इन नए छात्रावास के निर्माण से बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा। इससे छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और विश्वविद्यालय में नामांकन बढ़ने की संभावनाएं भी प्रबल होंगी।
परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार
भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही परिसर की तकनीकी एवं अवसंरचनात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए ओपन एयर थर्मल पाइपलाइनों के विकास एवं स्थापना का प्रस्ताव शामिल किया गया है। इस पर लगभग 1.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह व्यवस्था परिसर की तकनीकी कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
उपलब्धियां
1. एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला कराई
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक (यूजी) एवं स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर पर नई शिक्षा नीति-2020 को लागू किया गया है। इसके तहत बहुविषयक शिक्षा, क्रेडिट आधारित व्यवस्था एवं छात्र-केंद्रित शिक्षण प्रणाली को अपनाया गया। हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. आशीम कुमार घोष की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति-2020 के अनुसार बहुविषयक शिक्षा विषय पर एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, एनईपी समन्वयक एवं अकादमिक डीन शामिल हुए।
2. हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कराया
सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में नवंबर में हरियाणा उत्सव-2025 का आयोजन किया गया। इसे हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ कहा गया। इसी अवसर पर विश्वविद्यालय ने अपना पहला न्यूजलेटर भी जारी किया। संगीत एवं नृत्य विभाग की छात्रा अर्चना ने रागनी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर 75,000 रुपये का नकद पुरस्कार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से प्राप्त किया।
बाक्स
3. डॉ. निशा विश्व के दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुईं
शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी सीआरएसयू ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कीं। भौतिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. निशा देवपा को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका द्वारा जारी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों (2025) की सूची में शामिल किया गया। अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. विजय कुमार एवं शोधार्थी सचिन शर्मा के पेटेंट को पेटेंट ऑफिस जर्नल में प्रकाशित किया गया। इसके अलावा स्मार्ट कियोस्क फॉर होलिस्टिक हेल्थ प्रोफाइलिंग विषय पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों का पेटेंट भारत सरकार द्वारा प्रकाशित किया गया।
4. खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 1128 यूनिवर्सिटीज में 27वां स्थान पाया
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स-2025 में भाग लेकर सीआरएसयू ने देशभर की 1128 यूनिवर्सिटीज में 27वां स्थान प्राप्त किया और पांच पदक जीते। शारीरिक शिक्षा विभाग के डॉ. नरेश कुमार को खेलो इंडिया एवं योगासन प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया जबकि डॉ. नवीन लाडवाल को बेस्ट ऑथर अवॉर्ड-2025 से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय की छात्रा प्राची लोहान भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर बनीं और आशा कुमारी आईटीबीपी में कांस्टेबल नियुक्त होकर विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
26जेएनडी14: चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय। स्रोत : सीआरएसयू