जींद। नगर परिषद की ओर से कूड़ा उठाने के लिए किए जा रहे तमाम प्रयास विफल साबित हो रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 11 मार्च तक बढ़ने के बाद अब शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद भी खत्म होती नजर आ रही है। सोमवार को हड़ताल को लेकर फिर फैसला होना है लेकिन तब तक शहर की स्थिति और खराब होती जा रही है।
गोहाना रोड, सफीदों रोड, रोहतक रोड, पटियाला चौक, रानी तालाब क्षेत्र, रेलवे रोड, पुराना बस स्टैंड, स्कीम नंबर-5, अर्जुन स्टेडियम मार्ग, प्रेम नगर, शास्त्री मार्केट, हांसी रोड, जुलाना रोड और अर्बन एस्टेट सहित कई क्षेत्रों में सड़क किनारे कूड़ा फैला हुआ है। हालात ऐसे हैं कि शहर का शायद ही कोई इलाका बचा हो जहां बदबू और गंदगी का असर न दिख रहा हो।
नगर परिषद ने निजी कर्मचारियों के माध्यम से कूड़ा उठवाने की कोशिश भी की लेकिन सफाई कर्मियों द्वारा कूड़ा पॉइंटों पर पहरा लगाए जाने से यह व्यवस्था भी सफल नहीं हो सकी। विवाद और टकराव की आशंका के चलते निजी स्तर पर उठान का काम आगे नहीं बढ़ पाया।
पहले थे कूड़ा के 25 पॉइंट अब जगह-जगह बिखरा
शहर में पहले करीब 25 निर्धारित कूड़ा प्वाइंट थे लेकिन अब हर गली, मोड़ और खाली प्लॉट के बाहर अस्थाई कूड़ा पॉइंट बनते जा रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता और स्वच्छता दोनों प्रभावित हो रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल लोगों की निगाहें सोमवार को होने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।
सोमवार को सफाई कर्मियों के साथ वार्ता होनी है। उम्मीद है कि सोमवार को हड़ताल खत्म होगी। इसके बाद कूड़े का उठान सुचारू करवा दिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद