शहर में रानी तालाब के पास खाली पड़ी नगर परिषद की करोड़ों रुपये की जमीन पर टैक्सी स्टैंड के नाम पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। यहां पर टूर एंड ट्रैवेल्स संचालकों द्वारा लोहे के केबिन बनाकर अवैध रूप से कब्जे किए जा रहे हैं। लेकिन नप प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नप के इस अनदेखी के के चलते आरटीआई कार्यकर्ता ने अवैध कब्जे हटवाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए नगर परिषद के अधिकारियों को नोटिस जारी कर तलब किया है।
बता दें कि शहर में रानी तालाब के पास खाली पड़ी गुलहा-जोहड़ी की जमीन को लेकर काफी पुराना विवाद रहा है। लगभग डेढ़ दशक पहले यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। मार्च 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादी जमीन को लेकर नगर परिषद के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस जमीन को नगर परिषद को सौंप दिया था। इसके बाद नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस जमीन पर प्लाट काटकर प्लाटों की बोली करवाई गई थी, जिसमें से सिर्फ दो प्लाटों को ही खरीदारों द्वारा खरीदा गया था। इसके बाद से यह जमीन खाली ही पड़ी हुई है।
कई वर्ष पहले तक इस जमीन पर गंदगी के ढेर लगे हुए थे तथा कुछ लोगों द्वारा यहां पर अवैध कब्जे भी किए हुए थे लेकिन लगभग तीन वर्ष पहले जिला प्रशासन द्वारा यहां पर मॉल व वाहनों की पार्किंग बनाने के लिए प्लान तैयार किया गया था। इसके बाद नगर परिषद द्वारा इस जमीन से अवैध कब्जे हटाकर इसे समतल करवाया गया था लेकिन जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाने के कारण अब यहां पर दोबारा से अवैध कब्जे शुरू हो चुके हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता ने खटखटाया अदालत का दरवाजा
आरटीआई कार्यकर्ता विवेकानंद नगर निवासी मोतीराम ने बताया कि नगर परिषद द्वारा करवाई गई पांच प्लाटों की बोली के दौरान 31क नंबर का एक प्लाट उसके द्वारा भी खरीदा गया है, जो कि इसी जमीन के साथ में है। इस बारे में जब उसने 23 जुलाई 2015 को आरटीआई से जिला प्रशासन से जवाब मांगा तो जिला प्रशासन द्वारा दिए गए जवाब में यह बताया गया कि प्रशासन की तरफ से यहां पर टैक्सी स्टैंड चलाने के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई है।
सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
नगर परिषद की जमीन पर अवैध कब्जे किए जाने को लेकर शहर के विवेकानंद नगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मोतीराम ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद भी अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की।
रानी तालाब के पास खाली पड़ी नगर परिषद की जमीन पर टैक्सी स्टैंड चलाने के लिए नगर परिषद द्वारा किसी को मंजूरी नहीं दी गई है। टैक्सी स्टैंड संचालकों द्वारा यहां पर अस्थाई तौर पर अपनी गाड़ियां खड़ी की जाती हैं।
मुकेश कुमार, सचिव, नगर परिषद, जींद