कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय प्रबंधन का एक और कारनामा सामने आया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा एमकॉम तृतीय वर्ष के दो विद्यार्थियों को एक ही रोल नंबर जारी कर दिया। दोनों विद्यार्थियों ने केयूके द्वारा जारी एक ही रोल नंबर पर परीक्षा तो दे दी, लेकिन केयूके ने अब दोनों विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम रोक लिया है।
केयूके प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा अब दोनों विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। एमकॉम का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने के कारण छात्र को एमफिल में दाखिला नहीं मिल पाया है।
पीड़ित छात्र ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए केयूके प्रबंधन को नोटिस जारी कर अदालत में तलब किया है। अब 16 दिसंबर को अदालत में इस मामले की सुनवाई होनी है।
शहर के कौशिक नगर निवासी गौरव बंसल ने जन उपयोगी स्थायी लोक अदालत में गत 27 नवंबर को दायर याचिका में बताया था कि केयू द्वारा दिसंबर 2014 में एमकॉम तीसरे सेमेस्टर और मई 2015 में चौथे सेमेस्टर की परीक्षा का आयोजन किया गया।
उसने दोनों सेमेस्टर की परीक्षा दी, लेकिन उसका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया। बाद में विवि से पता चला कि उसी रोल नंबर पर एक छात्रा द्वारा भी परीक्षा दी गई है। इसलिए उसका रिजल्ट रोका गया है।
केयूके प्रबंधन ने दोनों की हैंड राइटिंग के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन उसके बाद भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया गया। इस कारण उसे एमफिल में दाखिला नहीं मिल पाया है।