जींद। सर्व कर्मचारी संघ का जिलास्तरीय सम्मेलन मंगलवार को पुराने बस अड्डा के मंदिर हुई। इसकी अध्यक्षता जिला कोषाध्यक्ष सुशील ईक्कस ने की। संचालन जिला प्रधान संजीव ढांडा ने किया। सम्मेलन में नगर पालिका, मैकेनिकल, बिजली, हेल्थ, वन मजदूर, फायर, सीआईटू और रिटायर कर्मचारी संघ के सदस्य शामिल हुए। मुख्य वक्ता के तौर पर बिजली निगम संगठन के राज्य प्रधान सुरेश राठी और सुनीता कालीरामणा पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर जनविरोधी नीतियों को तेज गति से जारी रखा है। इसके कारण लगातार महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार बढ़ा है। अपने चहेतों को सार्वजनिक क्षेत्र में लूट की खुली छूट दी है, जिसकी पोल खोलने के लिए शहरों व कस्बों में मजदूर, कर्मचारियों की मोहल्ला सभाएं आयोजित की जाएंगी। कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर 17 से 28 सितंबर तक सभी पार्टियों के प्रत्याशियों को मांगपत्र सौंपते हुए इस बारे में जवाबतलबी की जाएगी।
राज्य प्रधान सुरेश राठी ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन बहाली, वेतन विसंगतियां दूर करने, बिना शर्त के एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू करने, कच्चे कर्मचारियों को भी इसमें मर्ज करने, दो लाख खाली पदों पर स्थायी भर्ती करने, महंगाई भत्ते के अनुसार आवास भत्ते में बढ़ोतरी करने, ठेका प्रथा व कौशल रोजगार निगम लिमिटेड को भंग करने, निजीकरण पर रोक लगाकर जनहित में सरकारी विभागों का विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में सरकार को कर्मचारी व जनविरोधी विरोधी नीतियों को लागू करने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कार्यक्रम में सन्नी पटवारी, देवेंद्र घोड़ेला, धर्मबीर भंभेवा, मनदीप नेहरा, विक्रम नरवाना, संजय गिल, दिलबाग, राजेश पूनिया, संदीप, आजाद पांचाल, राजेश हिसार, अमरजीत, राजबीर और दीनानाथ मौजूद रहे।