05जेएनडी04: राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन।
जींद। निपुण हरियाणा मिशन को प्रभावी बनाने के लिए 10 अप्रैल को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जिला परियोजना कार्यान्वयन इकाई डीपीआईयू की बैठक होगी। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित संपर्क फाउंडेशन और पहला कदम फाउंडेशन संगठनों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे।
जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि बैठक का एजेंडा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लक्ष्यों की समीक्षा और कार्ययोजना तैयार करना है। इसमें 31 मार्च तक के छात्र नामांकन और एक अप्रैल से शुरू हुए नए दाखिलों के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा। जिन स्कूलों में छात्र संख्या में गिरावट दर्ज की गई है, उनके कारणों की समीक्षा की जाएगी और नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में लॉन्च किए गए छात्र उपस्थिति टैब पर भी चर्चा होगी। इसके माध्यम से 15 फरवरी तक के उपस्थिति आंकड़ों का वास्तविक समय में मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से क्लस्टर हेड, एबीआरसी और बीआरपी द्वारा किए गए स्कूल निरीक्षणों की समीक्षा होगी।
जिन अधिकारियों ने मासिक निरीक्षण और कक्षा अवलोकन के निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ सामुदायिक भागीदारी पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। बैठक में लाडो लक्ष्मी योजना के तहत उन माताओं के योगदान की सराहना की जाएगी, जिन्होंने बच्चों के सीखने के परिणामों में सक्रिय रुचि दिखाई है। स्कूलों में टेलीविजन की स्थापना, डिजिटल शिक्षण सामग्री का उपयोग और स्कूल प्रबंधन समितियों की सक्रियता जैसे विषयों पर भी रणनीति बनाई जाएगी।
वर्जन
निपुण हरियाणा मिशन का संकल्प है कि कक्षा तीन तक का प्रत्येक बच्चा भाषा और गणना में पूरी तरह दक्ष हो। जींद में मिशन के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सीखने की असमानता को दूर करना अभी भी एक चुनौती है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन चुनौतियों को दूर कर निपुण जींद के सपने को साकार करना है।-राजेश वशिष्ठ,जिला समन्वयक एफएलएन,जींद।