जींद। हरियाणा में यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने के विरोध में शुक्रवार को जिले के सभी विभागों के कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थल पर काले कपड़े और काली पट्टी बांध विरोध किया और जिला मुख्यालय पर यूपीएस के विरोध में रोष मार्च निकालकर डीआरओ राजकुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।
जिला प्रधान जोगेंद्र लोहान और अनुराधा गुप्ता ने कहा कि एनपीएस और यूपीएस उनकी मांगें नहीं मान रही। पहले एनपीएस और अब यूपीएस को जबरदस्ती थोपा जा रहा है।
अनूप लाठर और राजबाला कौशिक ने कहा कि यूपीएस की घोषणा से यह भी स्पष्ट हो गया है कि सरकार स्वयं मान चुकी है कि एनपीएस कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को पूरा नहीं करती है। जिसका प्रदेश का हर कर्मचारी पिछले कई सालों से विरोध करता आ रहा है और पुरानी पेंशन स्कीम की मांग कर रहा है।
अनूप लाठर ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से कर्मचारियों की मांग है कि अगर आप कर्मचारी हित्त चाहते हैं तो पूर्व में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी संघर्ष समिति से वार्ता का दौर शुरू कर कर्मचारियों के सुझाव लेकर ओपीएस बहाल करें, अन्यथा प्रदेश का कर्मचारी बड़े आंदोलन की राह जाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
इस अवसर पर सुनील खटकड़, संजीव ढांडा, जितेंद्र बेनीवाल, रूपेंद्र गोयत, डॉ. विशाल रेढू, अनिल नगूरां, वेदप्रकाश, राममेहर रेढू, ओमपाल ढांडा, मोहन लाल्र बिजेंद्र दलाल, हरीश शर्मा, सत्यवान कुंडू, विक्रम मेहरा, विकास खटकड़, संजय ढिल्लों, नसीब कुमार, सुरेंद्र मान, सुरेंद्र जागलान, सुरेंद्र ढुल, और कविता श्योकंद भी मौजूद रहे।