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खुद करें बिजली उत्पादन, खर्च से अधिक बनी तो निगम लेगा उधार

Thu, 09 Mar 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
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डीएवी स्कूल में लगा सिस्टम। - फोटो : jind
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गर्मियों में बिजली की किल्लत से बचने और उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए निगम ने नई पहल की है। इसके तहत अब कोई भी व्यक्ति अपने घर पर ही बिजली उत्पादन कर इसका उपयोग कर सकता है। यदि बिजली खर्च से अधिक बनती है तो इसे बिजली निगम को उधार भी दिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर यह बिजली वापस ली जा सकेगी। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने सोलर पावर प्लांट विद रेट मीटिरिंग योजना शुरू की है।
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योजना के तहत सभी 500 गज या इससे अधिक के मकानों पर सोलर सिस्टम लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा सभी निजी शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल व अन्य संस्थान, जहां 30 किलोवाट से अधिक का लोड है। सभी सरकारी भवन और कार्यालय, डाईट, जिनका लोड 30 किलोवाट से अधिक है। सभी निजी अस्पताल, उद्योग, होटल, मॉल व बैंक्वेट हॉल, जिनका लोड 50 किलोवाट से एक हजार किलोवाट तक है। सभी नई हाउसिंग सोसायटी जो आधा एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनेंगी और सिंचाई विभाग के वाटर लिफ्टिंग प्वाइंट्स पर यह सिस्टम लगाना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी किया है।

ऐसे काम करेगा सिस्टम
सोलर सिस्टम लगाने के बाद बिजली निगम इस पर एक बाय-डायरेक्शनल मीटर लगाएगा। इस मीटर में खर्च की गई बिजली के साथ-साथ उस अतिरिक्त बिजली का भी हिसाब-किताब रहेगा, जो बिजली निगम को गई है। यह बिजली उपभोक्ता के खाते से निगम को उधार चली जाती है, जिसे जरूरत के समय उपभोक्ता ले सकता है।
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ऐसे समझें योजना
यदि किसी घर या संस्थान की छत पर दो किलोवाट का सोलर सिस्टम लगता है तो, यह प्रतिदिन नौ यूनिट बिजली पैदा करेगा। जबकि सामान्य घरों में प्रतिदिन आठ से 12 यूनिट का खर्च रहता है। यदि किसी कनेक्शन से महीने में 30 यूनिट बिजली अतिरिक्त बनती है तो यह बिजली निगम के पास चली जाएगी। अगले महीने में यदि उपभोक्ता 30 अतिरिक्त यूनिट खर्च करता है तो उसे अतिरिक्त बिजली बिल नहीं देना होगा। दो किलोवाट के कनेक्शन के लिए छत पर 20 वर्ग मीटर जगह की जरूरत होगी।

200 से अधिक लोगों को नोटिस
500 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र के मकान पर सोलर पावर प्लांट विद नेट मीटरिंग सिस्टम नहीं लगाने पर अब तक बिजली निगम ने करीब 200 लोगों को कनेक्शन काटने का नोटिस दिया है। सरकार के नोटिफिकेश के अनुसार ऐसा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने का प्रावधान है।

वेबसाइट पर कर सकते हैं आवेदन
योजना के अनुसार, एक किलोवाट का प्लांट लगवाने पर 75 हजार रुपये तक खर्च आता है। विभाग इस पर 20 हजार रुपये या लागत का 30 प्रतिशत जो भी राशि कम होगी, वह अनुदान के रूप में देगा। इसके अलावा, प्लांट विभाग की ओर से नहीं, उपभोक्ता अपनी मर्जी से किसी भी कंपनी से लगवा सकता है। मौका देखने के बाद अनुदान बैंक खाते में भेज दिया जाता है। इसके लिए भारत सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन किया जा सकता है।

इसको लेकर सरकार के दिशानिर्देश आए हैं। इस पर काम किया जा रहा है। इसके अनुसार निर्धारित भवनों पर सोलर पावर प्लांट विद मीटरिंग सिस्टम लगाना जरूरी है। जो ऐसा नहीं करेंगे, उनके कनेक्शन काटे जाएंगे।
-एमएल रोहिल्ला, एसई बिजली निगम

बिल में आई है कमी
फिलहाल शहर में बस स्टैंड के पास स्थित जैन धर्मार्थ अस्पताल व डीएवी स्कूल में यह सिस्टम लगा है। जैन धर्मार्थ के प्रबंधकों का कहना है कि उनके यहां छह किलोवाट वाट का प्लांट लगा है। इससे करीब आधा बिल कम हो गया है।

यह योजना हर व्यक्ति के लिए लाभदायक है। बड़े खर्च वाले बड़े प्लांट व छोटे खर्च वाले छोटे प्लांट लगा सकते हैं। इससे बिजली के बिल का खर्च लगभग समाप्त ही हो जाएगा। इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। फिलहाल करीब आधा दर्जन भवनों पर यह सिस्टम लग चुका है। करीब दो दर्जन भवनों के लिए आवेदन आ चुका है।
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आमना तस्नीम, एडीसी
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