बिजली निगम के 23 सब डिवीजनों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मचारी सड़कों पर उतरे। बिजली कर्मचारियों ने जुलाना व जींद में प्रदर्शन कर स्थानीय विधायकों को ज्ञापन सौंपा। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के मुख्य संगठनकर्ता वेद प्रकाश व सुरेश राठी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में सरकार की निजीकरण की नीतियों का पुरजोर विरोध हो रहा है। भाजपा सरकार कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसके अलावा सरकार की कर्मचारी विरोधी ही नहीं, जनविरोधी नीतियां भी दिखाई दे रही हैं। सरकार की कर्मचारियों के प्रति मंशा ठीक नहीं है। इस कारण कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष बना हुआ है। भाजपा ने सत्ता में आने से पहले जो सपने कर्मचारियों को दिखाए थे, उन वादों में से एक भी वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सरकार स्कील इंडिया का नारा दे रही है, वहीं सरकार नौकरीपेशा लोगों को बेरोजगार कर मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में है। इसलिए सरकार की इन नीतियों का ज्वाइंट एक्शन कमेटी पुरजोर विरोध करती करती है।
वेद प्रकाश ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की बात कहती है, लेकिन पहले तो निगम को नाममात्र का घाटा था, लेकिन अब निगम पर लगभग 33 हजार करोड़ रुपये का जो घाटा दिखाया गया है। उसकी जांच होनी चाहिए। बिजली कर्मचारियों ने ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलाना में इनेलो विधायक परमेंद्र ढुल व जींद में विधायक हरिचंद मिढ़ा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा, सुरेश राठी, सुरेंद्र जुलाना, रोडवेज प्रधान अजीत नेहरा, उमादत मिश्रा, सतपाल श्योकंद, रामफल दलाल, राजेश शर्मा, सुरेश खासा, विरेंद्र गोयत, राजेंद्र सिंह, तकदीर सिंह, संजय लाठर, संदीप कुमार, सर्व कर्मचारी संघ नेता ईश्वर ठाकुर, सीटू नेता सुभाष पांचाल, रामनिवास मौजूद रहे।
बाक्स
कर्मचारियों के प्रति प्रदेश सरकार की मंशा खराब: ढुल
विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि इनेलो बिजली कर्मचारियों का समर्थन करती है और सरकार के निजीकरण की नीति का विरोध करती है। कर्मचारियों के प्रति प्रदेश सरकार की मंशा ठीक नहीं है। भाजपा सरकार प्रदेश की जनता की नहीं, बल्कि पूंजीपतियों की सरकार है। सरकार का उद्देश्य मात्र सिर्फ मुनाफा कमाना है। सरकार को जनता से कोई सरोकार नहीं है। सरकार द्वारा बिजली निगमों की 23 सब डिवीजनों का निजीकरण का मुद्दा विधानसभा सत्र में उठाएंगे और इनेलो द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।