उपमंडल के कुरड़ गांव में रविवार को महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग ने एक नाबालिग लड़की शादी रुकवाई। जींद के ईक्कस गांव से आई बारात को बिना दुल्हन ही वापस लौटना पड़ा। विभाग ने दोनों पक्षों से लड़की के बालिग होने तक शादी नहीं करवाने का लिखित में आश्वासन लिया गया है।
जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर के अनुसार प्रशासन को सूचना मिली कि कुरड गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है। जिस समय प्रशासन को सूचना मिली, गांव में बारात भी पहुंच चुकी थी। सूचना मिलते ही बाल विवाह निषेध कार्यालय से सहायक रवि लौहान, महिला हेड कांस्टेबल गीता लौहान, कांस्टेबल राकेश व सफीदों चौकी इंचार्ज कैलाश चंद्र विवाह स्थल पर पहुंचे।
टीम ने लड़की के परिजनों से उसके बालिग होने का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। प्रमाण-पत्र देखने पर पता चला कि लड़की की उम्र महज साढ़े 16 साल है। लड़के के परिवार को लड़की के नाबालिग होने के बारे में बता दिया गया। इस कारण बारात को बिना दुल्हन ही बैरंग लौटना पड़ा।