जींद। चांदी के रेटों में बेतहाशा वृद्धि का असर दुकानदारों पर साफ देखा जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में चांदी के दामों में 6500 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है। इससे सबसे ज्यादा बिकने वाली चांदी की पायल पर इसका असर पड़ा है। जींद में जो चांदी की पायल हैं, वह भिवानी या फिर आगरा से बनकर आती हैं। अब यह कारोबार पूरी तरह से मंदा पड़ गया है। पहले प्रतिदिन जींद के बाजार में 100 किलो चांदी बिकती थी, लेकिन अब यह पांच किलो बिक रही है। सराफा बाजार में बिल्कुल इस समय हालात खराब हैं। ज्वैलर्स पूरा दिन दुकान में खाली बैठे रहते हैं।
ज्वैलर्स की दुकान पर चांदी सबसे अधिक बिकती है। जींद के बाजार में लगभग 300 ज्वैलर्स हैं। प्रतिदिन एक ज्वैलर्स पांच से छह जोड़ी चांदी की पायल बेचता था, जो अब नहीं बिक रही हैं। एक चांदी की पायल का वजन 60 ग्राम के आसपास होता था। प्रतिदिन जींद के बाजार में एक करोड़ रुपये के आसपास तो चांदी का ही व्यापार हो जाता था, लेकिन फिलहाल पांच किलोग्राम के आसपास चांदी बिक रही है। पूरे बाजार में मंदी है। बुधवार को चांदी का भाव 93,500 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 16 मई को 87 हजार रुपये प्रति किलोग्राम था। एक सप्ताह में ही 6500 रुपये प्रति किलोग्राम चांदी के भाव में वृद्धि हो गई है।
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भिवानी या आगरा से आती हैं पायल
जींद के बाजार में जो पायल बेची जाती हैं, वह भिवानी या फिर आगरा से मंगवाई जाती हैं। भिवानी व आगरा के कारीगरों के पास जो डाई का रूप है, वह यहां की महिलाओं को भाता है, इसलिए इन सुंदर डिजाइनों की मांग रहती है। यहां पर पायल बनवाने की मजदूरी अधिक होने के कारण दुकानदार भिवानी या फिर आगरा से ही पायल मंगवाते हैं।
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एक सप्ताह में चांदी के रेट प्रति किलोग्राम
22 मई - 93500
21 मई - 92500
20 मई - 90500
19 मई - 89500
18 मई - 87000
17 मई - 87000
16 मई - 87000
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पिछले एक सप्ताह से बढ़ती जा रही मंदी की मार
ज्वैलर्स अंकित ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से चांदी के दामों में भारी उछाल आया है। जींद के बाजारों में प्रतिदिन 100 किलोग्राम चांदी के आभूषण बिकते थे, लेकिन फिलहाल ऊंचे दामों के कारण महिलाएं केवल भाव जानकर पीछे हट जाती हैं। जिन लोगों को बहुत मजबूरी है, केवल वही लोग चांदी के आभूषण खरीद रहे हैं।