जाट आरक्षण को लेकर 23 दिसंबर को होने वाली रैली में शामिल होने या न होने को लेकर खांपों में आपस में सहमति नहीं बन पा रही है।
इस मामले को लेकर ढुल खाप के राष्ट्रीय प्रधान ने एक टूक में कहा कि जब तक सभी संगठन, खांपे व समितियां एक मंच पर नहीं आएंगी तब तक ढुल खाप भी आरक्षण रैली में भाग नहीं लेगी।
सोमवार को अखिल भारतीय ढुल खाप के राष्ट्रीय प्रधान इंद्र सिंह ढुल खाप की बैठक के बाद बुलबुल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सभी संगठनों, खाप व समितियों के एक मंच पर आने के बाद होने वाले आंदोलन में ढुल खाप बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
ढुल ने कहा कि जाट आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे सभी संगठनों, खाप व समितियों को एकजुट करने के लिए ढुल खाप प्रयासरत है। ढुल ने कहा कि जाट आरक्षण को लेकर 23 दिसंबर को जींद में आयोजित होने वाली रैली में ढुल खाप भागीदारी नहीं करेगी।
यदि कोई व्यक्तिगत रूप से रैली में भाग लेता है तो ढुल खाप का उससे कोई सरोकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण जाटों का हक है और अपने यह हक लेकर रहेंगे, लेकिन आरक्षण की इस लड़ाई में सभी संगठन एकजुट नहीं हैं। जब तक यह सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे तब तक आंदोलन सफल नहीं हो पाएगा।
एक सवाल के जवाब में ढुल ने कहा कि वह आंदोलन के दौरान होने वाली हिंसा से सहमत नहीं हैं। यदि सभी संगठन एकजुट होकर आंदोलन के लिए सहमत होते हैं तो पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर संवैधानिक तरीके से आंदोलन को चलाया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव रणधीर सिंह ढुल ईक्कस, मास्टर राजपाल, सुभाष, बलबीर फौजी, ओमप्रकाश, मास्टर रामचंद्र, भीम सिंह, इंद्र सिंह, मास्टर चंद्रभान, शमशेर सिंह, अजीत नंबरदार, सरपंच जगबीर सिंह, सूरजमल, मास्टर जगत सिंह, कैप्टन बलजीत सिंह, राजसिंह, राजेंद्र सिंह, धर्मबीर, मांगेराम, ईश्वर सिंह, वजीर सिंह, रणधीर सिंह, कुलदीप, दयानंद, महेंद्र फौजी, भरत सिंह, रामस्वरूप, बीरभान, जयबीर सिंह, मास्टर गजेसिंह, रणधीर, अजीत, रामरतन, प्रेमसिंह मौजूद रहे।