जाट आरक्षण को लेकर जींद में 23 दिसंबर को होने वाली रैली से पहले ही प्रशासन और जाटों के बीच विवाद शुरू हो गया है। रैली के स्थान को लेकर सोमवार को दिन भर हाईवोल्टेज ड्रामा चला। फिलहाल जाट समाज के लोग सेक्टर नौ स्थित निर्माणाधीन राजीव गांधी खेल परिसर में रैली करने पर अड़े हैं, लेकिन प्रशासन ने इसके लिए मंजूरी नहीं दी है। जाटों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें स्टेडियम में रैली करने से रोका गया तो वे पूरे हरियाणा को बंद कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी भी प्रशासन की होगी। स्टेडियम में जाट रैली होने पर पिछले कई दिनों से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन अब यहां रैली नहीं होने पर प्रशासन की मोहर लग गई है। स्टेडियम में रैली की अनुमति नहीं मिलने पर जाट धर्मशाला में मीटिंग में पहुंचे करीब तीन दर्जन जाट नेता दोपहर करीब एक बजे लघुसचिवालय डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंचे। यहां प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जाट नेता स्टेडियम में पहुंचे और यहां का जायजा लिया। यहां जाट नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाए कि जानबूझकर उन्हें स्टेडियम में रैली करने से रोका जा रहा है। इस दौरान सर्व खाप के प्रधान नफे सिंह नैन, जाट नेता धर्मपाल छोत, मास्टर फूल कुमार पेटवाड़, सुरेंद्र दहिया, नरेंद्र गुल्हा, चौधरी हरनारायण, कैप्टन चांदीराम व महेंद्र सिंह जागलान लोग मौजूद रहे।
रैली होगी तो स्टेडियम में ही
अनुमति नहीं मिलने के बाद सर्व जाट खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ने डीसी ऑफिस के नीचे ही लोगों को संबोधित करते हुए उनकी सलाह ली। समैण ने पूछा कि रैली स्टेडियम में ही करनी है या जगह बदलनी है। इस पर साथ आए लोगों ने स्टेडियम में ही रैली करने को कहा। ऐसे में समैण ने ऐलान किया कि रैली होगी तो स्टेडियम में ही होगी।
जाट प्रतिनिधियों पक्ष
सूबे सिंह समैण ने कहा कि इससे पहले भी स्टेडियम में रैलियां होती रही हैं। कुछ दिन पहले ही हिसार के महावीर स्टेडियम में एक राजनीतिक दल की रैली हुई है। या फिर प्रशासन लिखकर दे कि वे स्टेडियम में कोई भी रैली नहीं होने देंगे। प्रशासन के रवैये से साफ है कि सिर्फ जाटों को दबाने के लिए रैली करने से रोका जा रहा है।
प्रशासन का तर्क
अनुमति के लिए मिलने आए लोगों से बातचीत में डीसी विनय सिंह ने कहा कि स्टेडियम के लिए उनकी हुडा अधिकारियों से बातचीत हुई है। वहां निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में यहां रैली करना जोखिम भरा है। डीसी ने कहा कि रैली दूसरे किसी स्थान पर की जा सकती है। इस पर बातचीत करने आए जाट नेता बिगड़ गए।
प्रशासन के लिए नहीं होगा अच्छा
जाट किसी भी प्रकार से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पक्ष में नहीं हैं। हम स्टेडियम में शांति पूर्वक रैली करना चाहते हैं। यदि प्रशासन ने इसमें कोई विघ्न डालाना चाहा तो यह प्रशासन के लिए अच्छा नहीं होगा। यदि स्टेडियम नहीं मिला तो सड़कों पर रैली होगी।
सूबे सिंह समैण, प्रवक्ता सर्व जाट खाप
रैली के लिए खास रणनीति
रैली के लिए जाटों ने खास रणनीति बनाई है। प्राथमिकता व्यवस्था बनाने पर है। इसके लिए मंच पर आने वाले वक्ताओं और नेताओं को पास जारी किए जाएंगे। इसके अलावा व्यवस्था बनाने में लगे लोगों को भी पास मिलेंगे। सूबे सिंह समैण ने साफ किया कि जिन लोगों ने रैली के लिए मेहनत की है, उन्हें ही मंच पर जगह मिलेगी।
रैली पर कंडेला खाप दो फाड़
23 दिसंबर को होने वाली रैली पर क्षेत्र की सबसे प्रभावशाली और महत्वपूर्ण कंडेला खाप दो फाड़ नजर आ रही है। कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने कहा कि रैली की तारीख तय करने से पहले उनकी राय नहीं ली गई, ऐसे में खाप रैली में भाग नहीं लेगी। वहीं मीटिंग में शामिल हुए ईश्वर सिंह कंडेला ने कहा कि जो लोग जाट आरक्षण के इस कार्य में भाग नहीं ले रहे, वे राजनीति कर रहे हैं।
यह खाप का नहीं जाटों का मुद्दा है और इसमें कंडेला खाप से सैकड़ों लोग हिस्सा लेंगे। इस पर टेकराम कंडेला ने कहा कि वे कोई राजनीति नहीं कर रहे हैं और जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, उनका कोई जनाधार नहीं है।
यशपाल मलिक पर साधा निशाना
रविवार को जाट आरक्षण के लिए गोहाना में हुई रैली में रेल रोकने के फैसले पर सबू सिंह समैण ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि ऐसा फैसला लेने वाले लोग पहले अपने राज्य (उत्तर प्रदेश) में आंदोलन चलाएं। हम यहां आंदोलन चला सकते हैं। समैण ने कहा कि जींद में पहुंचने वाली जनता दिखा देगी कि लोग उनके साथ नहीं हैं।
बराला पर टिप्पणी से मना
पत्राकारों से बातचीत में सूबे सिंह समैण ने कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने जाटों के आंदोलन से सख्ती से निपटने का बयान दिया है। इस पर समैण ने कहा कि बराला जाट समुदाय से हैं और ऐसे में उन्हें सलाह है कि इस प्रकार की बात वे नहीं करें। और बहुत लोग हैं, जो इस तरह की बात बोल सकते हैं।
टकराव से बचने की बात कही तो भड़के
स्टेडियम में जब रैली को लेकर रणनीति बन रही थी, इसी दौरान जाट नेता महेंद्र सिंह नैन ने कहा कि प्रशासन के साथ टकराव से बचना चाहिए। इस पर कई नेताओं ने उन्हें रोकते हुए कहा कि अब रैली का स्थान तय हो चुका है, ऐसे में कोई अलग बात नहीं होनी चाहिए। इस पर दोनों पक्षों में एक बार गर्मागर्मी हो गई।