अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं, जो बारिश होने से भीगने पर खराब हो गया है।
- फोटो : Jind
जुलाना की अनाज मंडी में समस्याओं की भरमार है, लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है। समस्याओं का खामियाजा आढ़तियों और किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश होने के कारण मंडी में 100 क्विंटल गेहूं खराब हो गया है। पानी की निकासी की समस्या को लेकर आढ़ती बार-बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आज तक समस्या दूर नहीं हुई है। मंडी में गेहूं की आवक तेज है और शेड कम। इससे आढ़तियों को बाहर खुले में ही गेहूं डालना पड़ रहा है। बारिश होने पर पानी की निकासी नहीं हो पाती, जिससे मंडी में पानी जमा हो जाता है। इस कारण मंडी में गेहूं खराब हो जाता है। आढ़तियों की मांग है कि मंडी में पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए जिससे आढ़तियों की फसल खराब होने से बचाया जा सके।
मंडी में पानी निकासी की नहीं कोई व्यवस्था
मंडी से बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। सीजन शुरू होने से पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिला जा चुका है, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। अधिकारियों के रवैये का हर साल खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अगर मंडी में निकासी की व्यवस्था ठीक होगी तो आढ़तियों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा।
राजपाल लाठर, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन जुलाना।
सीजन सिर पर होने के कारण नहीं शुरू हो पाया काम
मंडी में निकासी की व्यवस्था के लिए ग्रांट आई हुई है। गेहूं खरीद का सीजन सिर पर होने के कारण काम शुरू नहीं किया जा सका। जैसे ही सीजन खत्म होगा तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा। किसानों की समस्या के प्रति सरकार गंभीर है। आढ़तियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी।
विष्णु शर्मा, चेयरमैन, मार्केट कमेटी जुलाना।