28जेएनडी23-कैथल रोड पर चल रहा निर्माण कार्य। संवाद
जींद। जिला नगर योजनाकार विभाग ने 10 दिन पहले कैथल रोड पर अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ढहाया था, वहां फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। जब यह कार्रवाई हई थी तब भी जिला नगर योजनाकार विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे थे। ऐसे में जिन लोगों के निर्माण ढहाए गए थे उनका कहना है कि जब उनके निर्माण शुरू हैं तो उन्हें भी निर्माण की इजाजत दी जाए।
कैथल रोड स्थित सतीश ठेकेदार, कर्मबीर अहलावत, जयदीप, शीलू, तरुण कटारिया, पारस ने बताया कि उनकी कैथल रोड पर कृषि की जमीन है और यहां पर कुछ लोग खेती कर रहे हैं तो कुछ ने पंक्चर की दुकान, चाय की दुकान का खोखा रखा हुआ है। एकाध ने टेंपरेरी ढाबा बनाया गया है तो गोशाला के लिए तृड़ी का स्टॉक की खातिर टीन से स्ट्रक्चर बनाए हुए थे। दस दिन पहले जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने बुलडोजर की सहायता से उनके स्ट्रक्चर, चार दीवारी, खोखे तोड़ डाले थे। तभी पीड़ितों ने जिला नगर योजनाकार विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे ओर कहा था कि रसूखदारों के निर्माणों को छोड़ दिया गया। कुछ पर जरा सी कार्रवाई की। जबकि उनके निर्माणों को पूरी तरह से तहस-नहस किया। ऐसे में इन लोगों ने कहा है कि या तो उन्हें भी फिर से निर्माण की इजाजत दी जाए या फिर सबके लिए एकसमान कार्रवाई की जाए। डीटीपी अंजू का कहना है कि अवैध निर्माणों का किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। बिना लाइसेंस, सीएलयू या विभागीय एनओसी के किसी भी कॉलोनी का विकास गैरकानूनी है और इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रेवन्यू एस्टेट जलालपुर खुर्द खसरा नंबरों 39//6,7/1,15/2 खेवट न. 33 में अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन खसरा नंबरों में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है वहां किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री, बिक्री अनुबंध, पूर्ण भुगतान अनुबंध या पावर ऑफ अटॉर्नी जारी न की जाए। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में भूखंड खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच व पड़ताल कर लें अन्यथा उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।