फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशे और अवैध संबंधों से टूट रहे परिवार

Fri, 13 Nov 2015 11:50 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
 
विज्ञापन


आधुनिकता की चकाचौंध और भाग दौड़ भरी जिंदगी के कारण वैवाहिक जीवन में दरार बढ़ रही है। नशे और अवैध संबंधों की आग में झुलस कर परिवार टूट रहे हैं।

इसके चलते महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में साल दर साल महिला उत्पीड़न की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। पिछले दस माह के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अभी तक महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में 300 के करीब मामले आ चुके हैं।

 पिछले वर्ष यह आंकड़ा 259 का था। इस प्रकार महिला संरक्षण कार्यालय के पास आए दिन घरेलू कलह का एक नया मामला पहुंच रहा है। महिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय में आने वाली शिकायतों में पारिवारिक कलह के ज्यादातर मामले नशे और अवैध संबंधों के हैं। संयुक्त परिवार की बजाए एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है।
विज्ञापन


शादी के कुछ दिन बाद ही नव दंपति परिवार को छोड़कर अलग रहने लग जाते हैं। एकल परिवार होने के कारण बुजुर्गों की पकड़ से परिवार दूर हो रहे हैं। इससे सामाजिक तानाबाना टूट रहा है। इसके चलते भी परिवार लगातार टूट कर बिखर रहे हैं।

300 में से 178 को आपसी सहमति से निपटाया
जनवरी 2015 में महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध कार्यालय के पास 300 शिकायतें आई हैं। इनमें से 178 मामलों को आपसी सहमति से निपटा दिया गया है, 28 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, 73 मामले अदालत में चले हैं, और 21 मामले अभी तक महिला संरक्षण अधिकारी कार्यालय में विचाराधीन हैं। महिला संरक्षण कार्यालय के पास 300 मामलों में सबसे ज्यादा मामले बेरोजगारी के कारण आर्थिक परेशानी पैदा होने, नशे या अवैध संबंधों के कारण पारिवारिक कलह के होते हैं। इनमें से दहेज प्रताड़ना के 75 मामले पाए गए हैं।

वर्ष        मामले
2010        141
2011        152
2012        243
2013        184
2014        259
2015        300


बेरोजगारी, नशे व अवैध संबंधों के कारण परिवारों में कलह बढ़ रही है। कुछ मामलों में यह भी सामने आया है कि परिवार में कई बेटियां पैदा होने के कारण भी परिवार में कलह बढ़ जाती है।
विज्ञापन


 लड़के की चाह में सास बहू के साथ कलह करती है। वहीं कई मामलों में छोटी-छोटी बातें भी कलह का कारण बन जाती हैं।

आज लोगों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। उनके पास आने वाले मामलों में वह स्वयं लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्यार-प्रेम से दोनों परिवारों के मन-मुटाव को दूर करवाने का प्रयास करते हैं। ताकि टूटते परिवारों को एक बार फिर से बसाया जा सके।
- रवि लोहान, सहायक, जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें