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Jind News: बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की धड़कनें, दोपहर धूप निकली तो मिली राहत

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29जेएनडी04: बूंदाबांदी के बाद सड़क पर ठहरा पानी। संवाद - फोटो : सम्राट अशोक की​ शोभायात्रा के दौरान मुख्य डोले के साथ पदाधिकारी। संवाद
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जींद। जिले में रविवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। हल्की बूंदाबांदी से खेतों में खड़ी और मंडियों में पहुंची फसल के लिए परेशानी बढ़ा दी। हालांकि, दोपहर बाद खिली तेज धूप ने किसानों को थोड़ी राहत जरूर दी। जिले में इस बार लगभग पांच लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई की गई है।
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सरसों का रकबा करीब 70 हजार एकड़ है। वर्तमान में सरसों की कटाई का काम अंतिम चरण में है। वहीं गेहूं की फसल भी पककर तैयार खड़ी है। ऐसे समय में बारिश न केवल फसल की गुणवत्ता खराब करती है बल्कि दाना काला पड़ने और कटाई में देरी होने का भी डर रहता है।
अगर ओलावृष्टि या तेज हवा के साथ बारिश हुई तो गेहूं की फसल खेतों में बिछ जाएगी। इससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा।
जानें क्या रहा मौसम का मिजाज

रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की कटौती होने की संभावना है। चना और जौ की फसलों पर भी इस बदलते मौसम का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का डर सता रहा है। मंडी में मौसम बदलते ही सरसों की ढेरियों पर तिरपाल ढक दिए थे। अगर बारिश तेज हुई तो सरसों में नमी बढ़ जाएगी जिससे उन्हें उचित दाम मिलने में परेशानी होगी।
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वर्जन
कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम साफ होने तक गेहूं की कटाई शुरू न करें। सरसों की फसल अगर कटाई की हुई है तो उसको ढककर रखें। आगामी दिनों में मौसम साफ होने की संभावना है। -गिरीश नागपाल, कृषि निदेशक जींद
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