जींद। जिले में पेयजल की बढ़ती किल्लत के बीच सर्विस स्टेशनों और घरों में उगाई जा रही सब्जियों की सिंचाई में पेयजल का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। हर रोज हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है लेकिन संबंधित विभाग और जिला प्रशासन की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है। जिले में 200 से अधिक सर्विस स्टेशन संचालित हैं। इनमें से अधिकांश पर वाहनों की धुलाई के लिए सबमर्सिबल और पेयजल लाइन के पानी का उपयोग किया जा रहा है। दिनभर वाहनों की धुलाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी बहाया जाता है।
गर्मी के मौसम में पहले ही कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग कम दबाव और अनियमित सप्लाई की समस्या झेल रहे हैं। इसके बावजूद पानी की बर्बादी रोकने के लिए न तो नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है ।अवैध रूप से पेयजल का दुरुपयोग करने वालों पर कार्रवाई की जाए और पानी बचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।