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Jind News: विरासत में मिली हरियाली को सहेज रहीं डॉ. वैशाली हुड्डा

Mon, 11 May 2026 03:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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10जेएनडी12: डॉ. वैशाली हुड्डा।
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जींद। शहर में जहां लोग घरों की सजावट के लिए महंगे शोपीस और आधुनिक इंटीरियर पर जोर देते हैं। वहीं संत शिरोमणि श्री सैन भक्त राजकीय पीजी कॉलेज की प्राध्यापिका डॉ. वैशाली हुड्डा ने अपने घर को हरियाली और प्रकृति प्रेम से सजाया हुआ है। उनके घर की हर दीवार, आंगन और ड्राइंग रूम विभिन्न किस्मों के पौधों से महकता नजर आता है।
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करीब 40 तरह की वैरायटी के 200 से अधिक पौधे गमलों में सजे हुए हैं जो उनके घर को प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करते हैं। डॉ. वैशाली हुड्डा बताती हैं कि उन्हें पौधों से प्रेम की यह विरासत अपने ससुर से मिली है। उनके ससुर रविंद्र हुड्डा और सास तनाशा हुड्डा दोनों ही प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं।
शिक्षक परिवार होने के कारण हमेशा प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भाव घर में रहा। बुजुर्ग होने के बाद घर की इस सुंदर बगिया की जिम्मेदारी अब डॉ. वैशाली ने संभाल ली है। वह प्रतिदिन पौधों की देखभाल करती हैं और उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संजोकर रखती हैं।
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घर में मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एलोवेरा, तुलसी, जेड प्लांट, स्पाइडर प्लांट सहित अनेक सजावटी और औषधीय पौधे लगाए गए हैं। परिवार के सदस्य केवल अपने घर तक ही हरियाली सीमित नहीं रखना चाहते बल्कि समाज को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।
जब भी परिवार का कोई सदस्य किसी जन्मदिन, शादी समारोह या रिटायरमेंट पार्टी में जाता है तो उपहार के रूप में कटिंग से तैयार किए गए पौधे भेंट करता है। उनका मानना है कि यदि हर घर में एक पौधा भी लगाया जाए तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव आ सकता है।
डॉ. वैशाली कहती हैं कि पौधे केवल सजावट का माध्यम नहीं बल्कि मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य का आधार भी हैं। घर में लगे कई औषधीय पौधों का प्रयोग जरूरत पड़ने पर घरेलू उपचार में भी किया जाता है। परिवार का मानना है कि प्रकृति से जुड़ाव बच्चों और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करता है।
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