08जेएनडी31: जींद मंडी में बरसात से धान को बचाने के लिए ढका गया तिरपाल। स्रोत : आढ़ती
जींद। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश की किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। जहां एक तरफ खेतों में खड़ी फसल बिछ गई है वहीं दूसरी तरफ मंडी में पड़ा धान भी पानी में भीगने से खराब हो रहा है।
वहीं जिले की मंडियों में व्यवस्थाओं का आलम ये है कि धान को ढ़कने के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ रहा है। अब तक जिलेभर की मंडियों में 4.60 लाख क्विंटल की आवक और 1.90 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है। उठान नहीं होने से मंडियों में पड़ी धान लगातार खराब हो रही है।
वहीं जींद मंडी में पीआर धान की सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब तापमान में वृद्धि होने वाली है जिसके चलते उमस बढ़ने से धान की फसलों को और नुकसान होने का खतरा मंडरा रहा है।
तीन दिनों से हो रही बारिश ने खेतों में तैयार धान की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार को दोपहर तक मौसम साफ रहा तो वहीं मंगलवार रात को जींद में 30 मिमी बारिश हुई। इसके कारण मंडी में धान भीग गई तो वहीं खेतों में फसल गिर गई। हालांकि जिलेभर में आठ मिमी बरसात हुई। इस दौरान जिले में सबसे ज्यादा बारिश जींद शहर में ही हुई है।