जींद। भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के लिए चुनाव के दौरान क्या करना है और क्या नहीं (डूज एंड डोंट्स) के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इनका पालन करना अनिवार्य किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि सभी दलों और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को सार्वजनिक स्थानों जैसे कि मैदान और हेलिपैड निष्पक्ष रूप से उपलब्ध होने चाहिए। किसी भी आधिकारिक काम को चुनाव प्रचार या चुनावी गतिविधियों के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वित्तीय या अन्य किसी प्रकार का कोई प्रलोभन मतदाता को नहीं दिया जाना चाहिए। मतदाताओं की जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जानी चाहिए। न ही कोई ऐसी गतिविधि की जानी चाहिए जिससे विभिन्न जातियों, समुदायों, धार्मिक और भाषायी समूहों के बीच द्वेष पैदा हो। राजनीतिक दलों को यह सलाह दी जाती है कि वे नकद लेन-देन से बचें। अपने उम्मीदवार, एजेंट, कर्मियों और पदाधिकारियों को निर्देश दें कि चुनाव के दौरान वे बड़ी मात्रा में नकद राशि अपने साथ न रखें।
जुलूस के कारण यातायात बाधित न हो
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी भी जुलूस को शुरू करने और समाप्त करने के समय व स्थान तथा मार्ग को अग्रिम रूप से फाइनल किया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी चाहिए। जुलूस के कारण यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी चुनाव अधिकारियों का सहयोग करना चाहिए। चुनाव में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बैज या पहचान पत्र दिखाना होगा। मतदाताओं को जारी अनौपचारिक पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होनी चाहिए।