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Jind News: तीन-चार दिन में एक बार पहुंचते हैं डॉक्टर, समय से इलाज नहीं होने पर दम तोड़ रहे गोवंश

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जींद। जिले में स्थित नंदीशाला और सुनंदी गोशाला में वर्तमान में रहे 3800 गोवंशों की स्थिति दयनीय है। सर्द हवाओं के साथ कड़ाके की ठंड में गोवंश बीमार पड़ रहे हैं। वहीं इनके उपचार होकर पशुपालन विभाग गंभीर नहीं है। जिला प्रशासन ने गोशालाओं में प्रतिदिन एक पशु चिकित्सक की ड्यूटी लगाई है लेकिन चिकित्सक तीन या चार दिन पर एक बार पहुंचते हैं। बीमार गोवंशों की संख्या अधिक होने के कारण इनका इलाज समय पर नहीं हो पाता है। इससे गोवंश दम तोड़ रहे हैं।
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नंदीशाला में वर्तमान में 3 हजार और सुनंदी गोशाला में 800 गोवंश हैं। यहां बीमार पशुओं को ठंड से बचाने के लिए तिरपाल लगाए गए हैं। अन्य गोवंश शेड के नीचे रहते हैं और सर्द हवाओं से वे ठंड की चपेट में आ जाते हैं।
श्री जयंती देवी मंदिर के सामने बनी अस्थायी नंदीशाला में गोवंश को ठंड से बचाने के लिए उचित प्रबंध नहीं है। यहां ठंड लगने से गोवंश बीमार हो रहे हैं। हालांकि नंदीशाला प्रबंधन ने लाचार और बीमार गोवंश के लिए एक शेड पर तिरपाल लगाए गए हैं लेकिन बीमार और कमजोर गोवंशों की संख्या इतनी ज्यादा है कि सभी को शेड के नीचे रखना मुश्किल है। ठंड लगने से कमजोर, बीमार गोवंशों की समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो जाती है। पुराने हांसी रोड पर बनी सुनंदी गोशाला में 800 से कुछ अधिक गोवंश हैं लेकिन उनके रखरखाव के लिए पर्याप्त शेड नहीं है। कई दिनों से सुनंदी गोशाला में हर रोज 1-2 गोवंश दम तोड़ रहे हैं। सुनंदी गोशाला में गोवंश सूखे चारे पर ही निर्भर हैं। गोशाला प्रबंधन के पास हरे चारे के लिए बजट नहीं है। इस गोशाला को शहरवासियों का कम सहयोग मिल पा रहा है क्योंकि पास स्थित बीड़ वन में बंदरों की भरमार है। शहरवासी बंदरों के डर से गोशाला में जाने से परहेज करते हैं।
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गोवंशों की सुध ले प्रशासन
जींद विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल ने कहा कि गोवंश की प्रतिदिन हो रही दुर्गति के लिए प्रशासन और सरकार जिम्मेदार है। प्रशासन को गोवंशों की सुध लेनी चाहिए। अस्थायी नंदीशाला और सुनंदी गोशाला में गोवंश की हालत बेहद दयनीय है। इस प्रकरण को गो सेवा आयोग को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
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सरकार और प्रशासन के खिलाफ करेंगे आंदोलन
गऊ सेवा दल के अध्यक्ष अतुल प्रताप चौहान ने कहा कि नंदीशाला प्रबंधन ने गोशालाओं को बूचड़खाना बना दिया है। हर रोज गोवंश भूख-प्यास और ठंड से मर रहे हैं। गोशालाओं के लिए आने वाले बजट का भी सही प्रयोग नहीं हो रहा है। यदि गोशालाओं में गोवंश ऐसे ही मरते रहे तो गऊ सेवा दल सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करेगा।
वर्जन
बीमार गोवंशों को ठंड से बचाने की व्यवस्था की गई है। अन्य गोवंशों के लिए शेड का निर्माण कराया गया है। पशुपालन विभाग के चिकित्सक समय पर नहीं आ पाते। ऐसे में बीमार गोवंशों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। जल्द ही बैठक बुलाकर समस्या का समाधान किया जाएगा और प्रशासन से मिलकर व्यवस्था बनाई जाएगी। -स्वामी राघवानंद, प्रधान गोशाला
वर्जन
गोशाला में प्रतिदिन नहीं जा रहे चिकित्सकों स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। प्रतिदिन एक चिकित्सक की गोशाला में ड्यूटी लगाने के आदेश जारी किए जाएंगे।-डॉ. मनोज कुमार, डीसी
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