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सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक रहे हड़ताल पर

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मांगों को लेकर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलेभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों ने सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल रखी। इससे दूरदराज से इलाज के लिए पहुंचे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं एसोसिएशन ने साफ किया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जल्द ही अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। वहीं दंत विभाग में पहले की तरह सेवाएं सामान्य रहीं।
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दरअसल इलाज के लिए सुबह आठ बजे ही मरीज व उनके तीमारदार अस्पताल पहुंचने शुरू हो गए। यहां पंजीकरण सेवा शुरू थी, जिससे लोगों ने चिकित्सकों को दिखाने के लिए अपनी पर्चियां तो बनवाईं, लेकिन जब वे अस्पताल का कार्ड लेकर चिकित्सकों के कमरों में गए तो यहां ताले लगे मिले। मरीजों को उस समय काफी धक्का लगा, जब पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। लोगों ने कहा कि वे जरूरी काम छोड़कर खुद और अपने जानकारों को दिखाने पहुंचे हैं, लेकिन यहां चिकित्सक ही नहीं मिले। इलाज के लिए पहुंचे लोगों ने कहा कि सरकारी अस्पताल में आर्थिक रूप से कमजोर ही इलाज के लिए आते हैं और इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हुआ है। वे महंगे निजी अस्पतालों में इलाज नहीं करवा सकते। हड़ताल के चलते अधिकतर मरीज पहले से लिखी गई दवाएं ही लेकर लौट गए।
चिकित्सकों की मांगें
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के प्रधान डॉ. देवेंद्र कुमार बिंदलिश ने बताया कि नागरिक अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को स्पेशलिस्ट का दर्जा दिया जाए। एसीपी का चार बार लाभ दिया जाए। इन मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन मांगें पूरी नहीं की जा रही हैं। संयुक्त सचिव डॉ. राजेश भोला ने बताया कि मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग तथा अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन मांगों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके चलते मजबूरन चिकित्सकों को यह कदम उठाना पड़ रहा है। इस मौके पर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम, एसएमओ डॉ. रघुबीर पूनिया, एसएमओ डॉ. निशा शर्मा, डॉ. राजेंद्र, डॉ. आरके शर्मा, डॉ. संतलाल, डॉ. सीमा, डॉ. प्रभु दयाल, डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. नेहा शर्मा मौजूद रहे।
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