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विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बनने पर दिव्यांगों ने दिया धरना

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विकलांग प्रमाण पत्र नहीं बनने पर दिव्यांगों ने दिया धरना
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कहा, प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पीजीआई तक खाने पड़े धक्के
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। विकलांग अधिकार मंच हरियाणा जिला कमेटी के नेतृत्व में मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को पोलीक्लीनिक केंद्र के बाहर जारी रहा। धरने की अध्यक्षता काम. ओमप्रकाश अशरफगढ़ ने की। इस मौके पर जिला सचिव का. रमेश चंद्र भी मौजूद रहे।
ओमप्रकाश ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार विकलांग जनों को गुमराह कर रही है। विकलांग जन प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए महीनों धक्के खाने पड़ रहे हैं। यूडीआईडी जो विकलांग जनों का सार्वभौमिक पहचान-पत्र है जो सरकार ने 2019 तक बनानी थी लेकिन अभी तक विकलांगों के छोटे से हिस्से की ही बन पाई है। सरकार ने यूडीआईडी के लिए पुराने मेडिकल प्रमाण-पत्रों को मानने से इंकार कर दिया है। विकलांग जनों को यूडीआईडी एवं विकलांग प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए सीएससी केंद्रों के हवाले कर दिया है। विकलांग प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आए हुए विकलांग जनों को खानपुर, रोहतक, अग्रोहा रेफर कर दिया जाता है या फिर बुधवार को आने की तारीख दे दी जाती है। केंद्र में विकलांग जनों की सुविधा अनुसार एक भी शौचालय नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो देश के प्रधानमंत्री विकलांग जनों को दिव्यांग की संज्ञा देकर उनका मजाक उड़ाते हैं, दूसरी तरफ हरियाणा सरकार ने विकलांग जनों की पत्नियों व बच्चों की निराश्रित पेंशन पिछले आठ महीने से बंद की हुई है। आज विकलांग जनों के सामने रोजी-रोटी के लाले पड़े हुए हैं लेकिन भाजपा सरकार विकलांग जनों की ओर ध्यान देने की वजह अमृत महोत्सव मना रही है। इस मौके पर सुरेंद्र, दीपक, कपूरा, सुनील, ओमप्रकाश, कर्मचंद, सुरेंद्र, अशोक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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यह उठाईं मांगें
विकलांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी, बस, रेल पास एवं अन्य सुविधाओं के लिए सीएचसी, पीएचसी स्तर पर शिविर लगाए जाए। यूडीआईडी कार्ड के लिए सभी तरह के पुराने विकलांगता प्रमाण पत्रों को मान्यता दी जाए। रजिस्ट्रेशन की फ्र ी सुविधा हो सीएससी और सरल केंद्रों की लूट पर रोक लगाई जाए। यूडीआईडी विकलांग जनों के घर तक पहुंचाने का प्रबंध किया जाए। सभी तरह के कार्यालयों में विकलांगता खिडक़ी खोली जाए। विकलांग अधिकार अधिनियम 2016 का शक्ति से पालन किया जाए। जिले में सभी तरह की कमेटियां गठित की जाए जिसमे विकलांगजनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाए। जिला स्तर पर कष्ट निवारण कमेटी का गठन किया जाए। इस कमेटी में विकलांग अधिकार मंच का प्रतिनिधि शामिल किया जाए। विकलांग जनों की पत्नियों एवं बच्चों की निराश्रित पेंशन पिछले आठ महीने से बकाया है उसे जारी करवाई जाए।
फोटो कैप्शन
31जेएनडी17-शहर के पोली क्लीनिक के बाहर धरने पर बैठे दिव्यांग।
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