नशे के खिलाफ जागरूक करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी। संवाद
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जींद। जिला समाज कल्याण अधिकारी सरोज देवी ने सफीदों रोड स्थित नशा मुक्ति केंद्र में कहा कि नशे और तंबाकू के आदी व्यक्ति टीबी, एचआईवी, कैंसर जैसी घातक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। नशा एक सामाजिक बुराई है, इसके कारण आज के युवा विनाश की ओर जा रहे हैं। नशे की ओवरडोज के कारण किसी न किसी घर का चिराग बुझता रहता है। नई पीढ़ी में तो नशाखोरी की प्रवृत्ति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि नई युवा पीढ़ी शिक्षा प्राप्ति के मार्ग से विमुख हो रही है। कोई भी वर्ग नशे की प्रवृति से अछूता नहीं है। घर हो या दफ्तर, स्कूल हो या कॉलेज, गांव हो या शहर, सड़क हो या नुक्कड़ सभी स्थानों पर नशाखोरों की जमात दिखाई देती है। उन्होंने लोगों को नशे और तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुऐ कहा कि लत किसी भी चीज की हो, बुरी है। खासकर नशे की लत की बात की जाए, तो यह घर-बार से नाता तोड़कर सिर्फ बीयर-बार से जोड़ देता है। युवावर्ग जागरूक हो और यह समझे कि इस लत से आजाद होना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर व्यक्ति इस लत को छोड़ना चाहे तो राज्य सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्र बनाए गए हैं। वहां पर जाकर व्यक्ति इसका इलाज करवा सकता है। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक नरेश जागलान, सत्यवान, अजय महलोत्रा मौजूद रहे।