जिला परिषद की चेयरपर्सन पद को लेकर 19 जुलाई को एक बार फिर पार्षदों के बीच चौधर प्राप्त करने का घमासान होगा। आज होने वाले चुनाव की राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है और पार्षदों का गणित काफी रोचक हो चला है। पिछले तीन साल से इस पद पर रही पदमा सिंगला को अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से वोटिंग कर पद से हटा दिया था। इसके बावजूद पिछले छह महीने से यह पद खाली है और जिले में विकास कार्य रुके हुए हैं। जिला परिषद के प्रधान पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने नगराधीश दलबीर सिंह को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। बूथ स्थापित करवाने की जिम्मेदारी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश कौथ को सौंपी गई है। इनके अलावा चुनाव को निष्पक्ष पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से करवाने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
जींद में जिला परिषद के 26 सदस्य हैं। पहली बैठक में चेयरपर्सन बनने के लिए नियम के मुताबिक 18 पार्षदों का बहुमत चाहिए था, लेकिन बैठक में जिला परिषद के सदस्य नहीं पहुंचने के कारण यह बैठक स्थगित कर दी थी। अब दूसरी बार इस पद के लिए चुनाव होना है। इसमें 14 पार्षदों को चेयरपर्सन की चौधर को तय करनी है। लंबे समय से चेयरपर्सन के पद के लिए चली खींचतान में सबकी नजरें इस पर कड़ी टिकी हुई हैं। चुनाव को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तमाम प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव को लेकर होने वाले समस्त कार्यों की देखरेख के लिए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरदीप सिंह, लेखा अधिकारी मुकेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक की कार्यवाई लिखने के लिए एपीओ जितेंद्र तथा लिपिक रामफल गोयत की जिम्मेदारी लगाई गई है। चुनाव के लिए योजना अधिकारी जोगेंद्र कालीरामण को पीठासीन अधिकारी तथा डीआरडीए के अंवेषक सुरेश ढांडा को मतदान अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके अलावा चुनाव कार्यालय से नायब तहसीलदार रवि शंकर शर्मा तथा चुनाव कानूनगो भरत सिंह की ड्यूटियां निर्धारित की गई हैं।
तीन उम्मीदवार आ सकते हैं मैदान में
पार्षदों के विभिन्न गुटों से मिली जानकारी के अनुसार इस बार तीन उम्मीदवार मैदान में हो सकती हैं। वार्ड नंबर 19 से गीता लाठर व 25 से प्रवीण देवी घणघस के साथ-साथ अब सुमन बडनपुर ने भी ताल ठोंक दी है। अब तक बने गणित के अनुसार यह चुनाव काफी रोचक होगा।
यह हो सकता है संभावित गणित
चुनाव की आहट के चलते 26 पार्षद तीन खेमों में बंट गए हैं। दो खेमों के पार्षद अपने-अपने स्थान पर हैं तो एक खेमे के 11 पार्षद गुप्त स्थान पर हैं। 11 पार्षदों से फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मतदान में एक उम्मीदवार को 14, दूसरे को 11 व एक पार्षद को महज एक मत मिलने की संभावना है। हालांकि चुनावी गणित क्या होगा, यह शुक्रवार को ही तय होगा।