लक्ष्मी नगर की विवाहिता द्वारा आत्महत्या करने के बाद प्रदर्शन कर रहे परिजनों पर सिटी डीएसपी कप्तान सिंह द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने का वीडियो सामने आया है। इसको लेकर मृतका के परिजनों ने मंगलवार को रोहतक रोड पर प्रदर्शन करके डीएसपी को सस्पेंड करने की मांग की। एसएसपी शशांक आनंद ने वीडियो सामने आते ही मामले की जांच एएसपी वसीम अकरम को सौंप दी।
लक्ष्मी नगर निवासी रिशू की लगभग आठ साल पहले उचाना निवासी सचिन के साथ शादी हुई हुई थी। रविवार को महिला रिशू की संदिग्ध परिस्थितियों में जहर के प्रभाव में आने से मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के परिजनों ने ससुरालीजनों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने मृतका के पिता इंद्र सिंह की शिकायत पर पति सचिन, ससुर खजानचंद, सास मूर्ति देवी और ननद मीना के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया था, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को शव को लेकर बाजार में प्रदर्शन कर रहे थे।
क्या कहा था डीएसपी ने
मृतका के परिजन प्रदर्शन करते हुए सिटी थाने के बाहर पहुंचे तो वहां पर सिटी डीएसपी कप्तान सिंह पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे परिजनों से तू तड़ाक हो गए। जब परिजनों ने सवाल उठाया कि बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं। इस पर डीएसपी कप्तान सिंह भड़क गए और मृतका के परिजनों पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि लड़की का रिश्ता कौन सा पुलिस ने या सरकार ने थोड़े करवाया था। इस पर परिजनों में डीएसपी के बोलों पर परिजन डीएसपी पर भड़क गए। बाद में परिजन शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। लेकिन डीएसपी द्वारा मृतका के परिजनों से किए गए दुर्व्यवहार पर लक्ष्मी नगर के लोगों का मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा और रोहतक रोड चौक के पास सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया और डीएसपी कप्तान सिंह को सस्पेंड करने की मांग की। डीएसपी कप्तान सिंह के विवादित बोल सामने आने के बाद एसएसपी शशांक आनंद ने इस मामले की जांच के आदेश एएसपी वसीम अकरम को सौंप दी।
बेटी की मौत के बाद भी किया अपमानित
मृतका रिशू के पिता इंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ तो सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, वहीं पर बेटी सुरक्षित नहीं हैं। जब अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे तभी डीएसपी सिटी ने कार्रवाई करने की बजाए उन पर ही सवाल उठा दिया कि उनकी बेटी का रिश्ता कौन सा पुलिस या सरकार ने थोड़े ही करवाया था। जहां पहले उन्होंने अपने बेटी को खोया और जब उन्होंने न्याय की गुहार लगाई तो डीएसपी ने उन्हें अपमानित किया। इसलिए डीएसपी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करके उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मामले की जांच सिटी पुलिस से करवाने की मांग
मृतका के परिजनों ने कहा कि आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी सास मूर्ति देवी, ननद मीना को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस मामले की जांच उचाना थाने की बजाए जींद सिटी पुलिस से करवाई जाए।
महिला की मौत के मामले में आरोपी ससुर खजानचंद व पति सचिन को गिरफ्तार कर लिया हैं, जबकि फरार महिलाओं की तलाश जारी है। सोमवार को जब कुछ लोग शव यात्रा लेकर आ रहे थे तो कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इस दौरान डीएसपी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था, लेकिन बावजूद जिन लोगों ने डीएसपी पर आरोप लगाए हैं उसकी जांच एएसपी वसीम अकरम को सौंप दी गई है। मृतक लड़की के मामले में पुलिस निष्पक्ष होकर जांच करेगी तथा दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। े
- वीरेंद्र सांगवान, डीएसपी जींद