08जेएनडी10: ढांडा खेड़ी गांव में पंपलेट के माध्यम से एड्स के बारे में जागरुक करते हुए स्वास्थयक
जींद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरियावाला के तहत गांव ढांडा खेड़ी में स्वास्थ्यकर्मी की ओर से वीरवार को एचआईवी से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। सुशील शर्मा एमपीएचडब्ल्यू ने नुक्कड़ सभा से ग्रामीणों को विभाग के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी।
सुशील शर्मा ने बताया कि एड्स से पीड़ित व्यक्तियों के साथ भेदभाव करना या तिरस्कार गलत है। एचआईवी रोग प्रतिरोधक क्षमता को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में एचआईवी संक्रमण हो जाए और समय पर इलाज न मिले, तो आगे चलकर यह एड्स का रूप ले लेता है।
इस स्थिति में शरीर सामान्य बीमारियों से भी लड़ने में असमर्थ हो जाता है। इसलिए एड्स को लाइलाज बीमारी माना जाता है लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इससे बचाव संभव है। सुशील शर्मा ने बताया कि एचआईवी मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई के प्रयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने और एचआईवी पॉजिटिव मां से जन्म लेने वाले शिशु में फैलता है।
उन्होंने युवाओं से संयमित जीवन अपनाने, कभी भी संक्रमित सुई का प्रयोग न करने तथा केवल अधिकृत व सरकारी ब्लड बैंक से ही रक्त लेने की अपील की। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं से एचआईवी जांच अवश्य कराने का आग्रह किया गया। इस दौरान ,साधुराम,सावित्री, भतेरी,सुनील,प्रवेश,सियाराम और अरुण मौजूद रहे।