जींद। महाराजा अग्रसेन मंदिर उचाना मंडी के पुजारी अशोक शर्मा ने कहा कि धर्म में आत्मा पर अनुशासन जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले गुरुकुलों और स्कूलों में गुरु सख्त अनुशासन से शिक्षा देते थे, जिससे शिष्य जीवन में सफल बनते थे।
उन्होंने कहा कि गुरु की डांट को बुरा नहीं मानना चाहिए, क्योंकि गुरु हमेशा शिष्य के हित में ही मार्गदर्शन करते हैं। शिष्य को गुरु की बातों को धैर्य और विनम्रता से स्वीकार करना चाहिए। बिना अनुशासन के जीवन दुखों से भर जाता है। संवाद