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Jind News: नए साल से शहर में नहीं दौड़ेंगे डीजल से चलने वाले ऑटो-रिक्शा

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रोहतक में बढ़ रही ऑटो रिक्शा की भीड़। संवाद
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रोहतक। वायु गुणवत्ता को नियंत्रित रखने के लिए शहर में नए साल से डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा नहीं दौड़ेंगे। जिले में चलने वाले करीब 1800 डीजल ऑटो-रिक्शा चालकों पर इसका प्रभाव पड़ने वाला है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) की ओर से सभी डीजल ऑटो-रिक्शा चालकों को निर्देश दिए गए हैं।
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नए साल से पहले डीजल ऑटो रिक्शा को पेट्रोल या सीएनजी में रूपांतरित करने की हिदायत दी गई हैं। रोहतक की हवा खराब होने के चलते इसे देश के सबसे प्रदूषित शहरों में भी दर्ज किया जा चुका है। वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में डीजल वाहनों, खासकर पुराने बीएस-चार डीजल और बीएस-थ्री पेट्रोल वाहनों पर रोक लगाई है।
आयोग ने 1 जनवरी 2026 से एग्रीगेटर्स व डिलीवरी कंपनियों के लिए भी नए डीजल-पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाकर सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य किया है जिससे साफ परिवहन को बढ़ावा मिले और वायु गुणवत्ता पर नियंत्रण पाया जा सके। इसी के चलते रोहतक शहर पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
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जिले में 8500 हजार ऑटो-रिक्शा का संचालन हो रहा है। इनमें करीब 2000 हजार ऑटो रिक्शा दूसरे जिलों से लाकर चलाई जा रही हैं। वहीं 700 डीजल ऑटो-रिक्शा पहले ही एक्सपायर हो चुके हैं।
आरटीए के अनुसार 1800 ऐसे ऑटो हैं जो डीजल से संचालित हो रहे हैं। आरटीए आधिकारियों का कहना कि 1800 में 700 डीजल ऑटो-रिक्शा चालकों ने सीएनजी और पेट्रोल में इनका रूपांतरण (रिप्लेस) कर लिया है। शेष ऑटो-रिक्शा संचालकों को निर्देश दिए हैं।
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डीजल ऑटो-रिक्शा का 2017 से नहीं हो रहा पंजीकरण
आरटीओ सह सचिव मनीष मदान ने बताया कि 2017 के बाद से डीजल ऑटो-रिक्शा का नया पंजीकरण लगभग बंद हो गया है। पुरानी डीजल ऑटो को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है। एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में सीएक्यूएम के आदेशों के तहत केवल सीएनजी व इलेक्ट्रिक ऑटो के पंजीकरण की अनुमति है। प्रदूषण कम करने व पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया जा रहा है।

वर्जन
वायु गुणवत्ता आयोग व जिला प्रशासन के निर्देश अनुसार शहर में पुराने व डीजल के ऑटो रिक्शा हटाए जाने हैं। एक जनवरी से इनका शहर में संचालन नहीं होगा। ऑटो रिक्शा चालक प्रतिनिधियों के साथ दो से अधिक बार की बैठक में डीजल से चलने वाले चिह्नित ऑटो को पेट्रोल या सीएनजी में बदलवाने के निर्देश दिए गए हैं। -वीरेंद्र ढुल, सचिव आरटीओ।


फोटो : 04
ऑटो चालकों को प्रशासन की ओर से थोड़ा और समय दिया जाए ताकि अपने ऑटो रिक्शा को बदलवा लें या नया खरीद सकें। इसके लिए सरकार की ओर से भी अनुदान राशि दी जाए। सरकार यह भी नियम बनाए कि ऑटो की अवधि खत्म होने पर नया खरीदने के लिए सहायता राशि मिले। -बिट्टु पालीवाल, उप प्रधान, ऑटो एवं ई रिक्शा चालक कल्याण समिति।
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16 दिसंबर को एक्यूआई 417 तक पहुंच गया था
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिसंबर में 11 दिन प्रदूषण का आंकड़ा दर्ज नहीं किया गया है। 16 दिसंबर को रोहतक की हवा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में रही। इस दौरान एक्यूआई 417 दर्ज किया गया। 4 दिन छोड़कर शेष दिन हवा स्वास्थ्य के लिए असरदार रही। इन दिनों हवा मध्यम से लेकर बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
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रोहतक में बढ़ रही ऑटो रिक्शा की भीड़। संवाद

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