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भर्ती में गड़बड़ी बताने वाले बोल रहे झूठ, सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ प्रक्रिया पर उठाए हैं सवाल : रणदीप सुरजेवाला

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हटाए गए शारीरिक शिक्षकों को संबोधित करते रणदीप सुरजेवाला। - फोटो : Jind
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जींद। शारीरिक शिक्षकों का धरना शनिवार को 20वें दिन भी जारी रहा। धरने पर शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला पहुंचे। उन्होंने कहा कि जो लोग शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात कह हरे हैं, वे झूठ बोल रहे हैं।
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सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि भर्ती में कोई धांधली नहीं है। भर्ती प्रक्रिया पर कुछ सवाल उठे हैं। इससे साफ है कि चयनित शिक्षकों का कोई कसूर नहीं है। सुरजेवाला ने कहा कि यदि सरकार की मंशा 1983 शिक्षकों की नौकरी बचाने की होती तो इन्हें बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह सरकार उनकी नौकरी बहाल करती है तो ठीक है, नहीं तो कांग्रेस की सरकार बनने पर नौकरी बहाल की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को एक बिल का मसौदा भी सौंपा और कहा कि इस पर 46 विधायकों के हस्ताक्षर करवाने हैं। कांग्रेस के 31 विधायक हस्ताक्षर के लिए तैयार हैं। इसके लिए भूपेंद्र हुड्डा की भी हां है और कुमारी सैलजा की भी हां है। रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह सही है कि सुप्रीम कोर्ट ने शारीरिक शिक्षकों के खिलाफ फैसला दिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के चयन में हेराफेरी की बात नहीं मानी है। प्रदेश सरकार ने उनके मामले में अपने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह नहीं बताया कि यह पीटीआई शिक्षकों की अंतिम भर्ती है। इसके बाद भर्ती ही नहीं होनी। यदि यह बताया जाता तो सुप्रीम कोर्ट का फैसला कुछ और होता। साथ ही यह भी नहीं बताया गया कि इन शिक्षकों को हटाने से पीजीटी से टीजीटी शिक्षकों की पदोन्नति पर भी असर पड़ेगा। सुरजेवाला ने कहा कि यह सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत किया है। इस अवसर पर कांग्रेस नेता पूनम चौहान, अंशुल सिंगला, लाजवंती ढिल्लो, दिनेश मिन्नी , पार्षद सुमेर पहलवान, अशोक मलिक, मयंक गर्ग, अजमेर मनोहरपुर, धर्मपाल प्रधान, कमल चौहान मौजूद रहे।
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सरकार नौकरी छीनने में लगी
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार नौकरी छीनने में लगी है। सुबह उठते ही यह सोचा जाता है कि किन लोगों को हटना है। लॉकडाउन में भी करीब 2500 लोगों को हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि 30 अध्यापक पूर्व सैनिक हैं। इनमें से गैलेंट्री अवॉर्ड प्राप्त, दिलबाग जाखड़ भी शामिल हैं। जाखड़ ने पूंछ में सात उग्रवादियों को मार गिराया था। 34 अध्यापक कैंसर, ब्रेन हैमरेज, हार्ट इत्यादि बीमारियों से ग्रस्त हैं। 39 शिक्षकों की तो मृत्यु तक हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार उनको हक नहीं दे रही है।
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