ज्वेलर की दुकान पर खरीदारी करते ग्राहक। संवाद
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जींद। चार नवंबर को दिवाली से पहले मंगलवार को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस पर बर्तन व चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में आभूषण और बर्तन बाजार में धनतेरस पर काफी रौनक रहेगी। इस दिन शाम के समय यम की पूजा होती है। इस बार शाम सवा छह बजे से सवा आठ बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
धनतेरस के चलते बाजार में काफी रौनक है। पहलवान ज्वैलर्स के मलिक दीपक वर्मा के अनुसार इस बार नए चांदी के सिक्के काफी मात्रा में हैं। अलग-अलग आकार व वजन में चांदी के सिक्कों, बर्तनों की नई रेंज बाजार में आई है। इसमें चांदी के चम्मच की मांग इस बार ज्यादा दिख रही है। कुछ लोगों ने पहले ही चांदी के बर्तन ऑर्डर पर बनवाए हैं। वहीं त्योहारी सीजन के चलते बाजार में काफी भीड़ है। शहर के तांगा चौक, पंजाबी बाजार, गांधी गली, पालिका बाजार व मुख्य बाजार भारी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं।
700 से अधिक बाइक की बुकिंग
जिले में दोपहिया वाहनों की 30 से अधिक एजेंसियां हैं। धनतेरस पर कुछ लोग वाहन भी खरीदते हैं। ऐसे में 700 से अधिक दोपहिया वाहन की डिलिवरी धनतेरस पर दी जाएगी। इलेक्ट्रिक बाइक विक्रेता मनोज कुमार के अनुसार पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के चलते लोग इस बार इलेक्ट्रिक बाइक व स्कूटर की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
सरसों के तेल का दिया जलाकर करें पूजा
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि धनतेरस पर यम की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह ही घर का पुराना पूजा वाला दीया बाहर जलाया जाता है और नया दीया लगाया जाता है। शाम के समय सरसों के तेल का दीया जलाया जाता है। इसमें कोड़ी डालकर पूजा की जाती है। इससे स्वास्थ्य लाभ होता है।