03जेएनडी14-जयंती देवी मंदिर में पूजा करते हुए श्रद्धालु।
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जींद। शहर के सिद्धपीठ महाभारत कालीन जयंती देवी मंदिर में शतचंडी पाठ और महायज्ञ मेें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री के सानिध्य में कुरुक्षेत्र से आए हुए 51 पंडित रोजाना सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप कर मानव जीवन के लिए सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। श्रद्धालु 11 फरवरी को आयोजित होने वाले 11 हजार कन्याओं के महापूजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इतने बड़े धार्मिक समागम की व्यवस्था के लिए श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। 11 फरवरी को पूर्णाहुति और लगने वाले भंडारे में प्रबुद्ध लोगों को शामिल होने के लिए न्योता भी दिया जा रहा है। जयंती देवी मंदिर के श्रद्धालुओं ने पुजारी के बेटे सागर कौशिक के साथ मिलकर प्रमुख समाज सेवी और कांग्रेसी नेता पवन गर्ग को न्योता दिया।
पवन गर्ग ने कहा कि मां जयंती देवी के दरबार में पूजा-अर्चना करने से हर व्यक्ति जीत की तरफ आगे बढ़ता है। इसलिए मां के दरबार में जाने वाला सौभाग्यशाली होता है। जयंती देवी जींद शहर की ईष्ट देवी है। इसलिए जींद शहर मेंं रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य से पहले मां जयंती का गुणगान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह श्रद्धालुओं की भक्ति की शक्ति ही है कि वे 11 हजार कन्याओं को बड़े ही व्यवस्थित तरीके से भोजन कराते हैं। मां जयंती के दरबार में बेटियों के हित मेंं जो अलख जगती है, उसकी आवाज प्रदेश के हर छोर मेें पहुंचती है। यह जींद के प्रत्येक व्यक्ति के लिए गौरव की बात है कि इस धरा पर गुप्त नवरात्रों के दिनों में माहौल पूरी तरह से भक्ति के रस से भरा होता है।